पेयजल और सीवर लाइन की समस्या बनी परेशानी का सबब

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Friday, November 01, 2013-12:06 PM

 वेस्ट दिल्ली (राजन शर्मा): क्षेत्रफल के हिसाब से बड़ी विधानसभाओं में से एक मटियाला विधानसभा में 100 से ज्यादा अनधिकृत कॉलोनियों के साथ ही द्वारका उप नगरी के ज्यादातर सैक्टर आते हैं। आने वाले चुनावों में इलाके में सीवर लाइन न होने का मुद्दा सबसे बड़ा रहेगा। इलाके में 90 कॉलोनियों के लोग आज भी इस सुविधा से महरूम हैं। 5 साल पहले विधायक ने लोगों से सीवर लाइन डलवाने का वादा किया, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया, ऐसे में लोगों में काफी रोष है।

इसके अलावा पेयजल की समस्या अनधिकृत कॉलोनियों और द्वारका के सभी सैक्टरों में बनी हुई है। जलबोर्ड का पानी लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है जिस कारण से पानी खरीद कर पीना पड़ता है। लोगों का कहना है कि ट्यूबवैल द्वारा उपलब्ध पानी इतना खारा होता है कि उसे पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। 

इलाका बहुत बड़ा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केवल सरकारी डिस्पैंसरियां ही मौजूद हैं। कोई बड़ा अस्पताल न होने के कारण से लोगों को इलाज के लिए दूसरे इलाके की ओर रुख करना पड़ता है। वहीं विधायक क्षेत्र में पहले से स्थिती सुधरने की बात कर रहें है। विधायक का कहना है कि कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। जिन पर जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।

विधानसभा में प्रमुख इलाके:

सुखीराम पार्क, गुरुहरकिशन नगर, द्वारका के ज्यादातर सैक्टर, जैन कॉलोनी, पोचनपुर गांव, मटियाला गांव, छावला, पपरावट, नानकहेड़ी, खरखरी, अंबर गांव, कांगनहेड़ी, हसनपुर गांव विधानसभा के प्रमुख इलाके हैं।

पिछला इतिहास:

2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई नई सीट

वर्तमान में 100 से ज्यादा कच्ची कॉलोनी और द्वारका के ज्यादात्तर सेक्टर है

चुनावी फैक्टर:-

1. सत्ता की चाबी 100 से ज्यादा बसी कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के हाथ में है। ऐसे में इन इलाकों में विकास न होना विधायक को परेशानी में डाल सकता है।

2 .विधायक ने इलाके की सड़कों की स्थिति में काफी सुधार किया है। अपनी फंड की 55 प्रतिशत राशि सड़कों पर खर्च कर विधायक ने लोगों का ध्यान इस ओर खींचा है जिसका फायदा उन्हें मिल सकता है।

इन मुद्दों पर होंगे चुनाव:

सीवर लाइन :- इलाके की ज्यादात्तर कॉलोनियों में रहने वाले लोग वर्तमान में भी सीवरलाइन की सुविधा न होने से परेशान है। यह लोग लंबे समय से क्षेत्र में सीवर लाइन डालवाने के लिए संघर्ष कर रहें है, लेकिन इनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिस कारण से आने वाले चुनावों में सीवर लाइन ही मुख्य मुद्दा बन गया है। 

पेयजल :- कच्ची कॉलोनियों के साथ ही द्वारका के सेक्टरों में भी पेयजल की समस्या गंभीर है। जलबोर्ड का मीठा पानी लोगों को नहीं मिलता। सेक्टरों को ट्युबवेलों द्वारा पानी उपलब्ध कराया जाता है। जिससे लोग संतुष्ट नहीं है।

अस्पताल की मांग :- द्वारका उपनगरी में अस्पताल की मांग लंबे समय से रही है। कई परियोजनाएं आने के बाद भी अस्पताल नहीं बना जिससे लोग गुस्से में है। आने वाले चुनाव के मद्दे नज़र अब अस्पताल की मांग तेज हो गई है। 

विपक्ष के वार 

विधायक ने विकास के मामलें में पक्षपात किया है जिसके चलते अनधिकृत कॉलोनियों में पेयजल और सीवर लाइन की व्यवस्था न होने से लोग बदत्तर जिंदगी जीने को मजबूर है। वहीं द्वारका के सैक्टरों में भी लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। विधायक कहते है कि परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई, पर वह कब शुरू होंगे और कब बनेंगे, यह पता नहीं। पिछले वादे पूरे नहीं हुए और विधायक आगे के वादे जनता से कर रहें है। जो केवल धोखा है, क्षेत्र में न अस्पताल, न पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था और न ही पीने के लिए पानी है, यह कैसा विकास है। -कमलजीत सहरावत, भाजपा

विधायक का जवाब 

 मेरे विधायक बनने के बाद 4 कॉलोनियों में सीवर लाइन डाली गई है। 90 कॉलोनियों में पानी की पाइपलाइन डाली गई है। 2 यू.जी.आर. बनवाए गए है। रोजाना 200 टैंकरों से लोगों को पानी की सप्लाई की जा रही है और इसे सुनिश्चित करने के लिए कॉल सैंटर की व्यवस्था की गई है। दीनपुर गांव में 100 बिस्तरों के जच्चा-बच्चा केंद्र को मंजूरी मिल गई है जिसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। इलाके में सड़कों को पूरी तरह से दुरूस्त कर दिया गया है। - सुमेश शौकिन, कांग्रेस

जनता  की राय 

विकास केवल द्वारका के सैक्टरों में हुआ है, अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन नहीं है। 5 साल पहले विधायक ने वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ है। सीवर लाइन न होने से बड़ी परेशानी होती है। -मोहन सिंह 

 गांव की सड़के टूटी हुई है, पानी की निकासी व्यवस्था न होने के कारण से आम दिनों में भी सड़कों और गालियों में पानी भरा रहता है। ऐसे में यहां से निकलने में बड़ी परेशानी होता है। - गुलाबी देवी

इलाके में पेयजल की समस्या भी बढ़ती जा रही है। जलबोर्ड के पानी की सप्लाई न होने के कारण ट्युबवैल से पानी उपलब्ध करवाया जाता है। पानी खरा होने के कारण से पीने में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, पीने के लिए पानी खरीद कर लाना पड़ता है।  -दया शंकर                                                                                                                                                                     

 

 

Edited by:Jeta

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