‘मुख्यमंत्री और मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारें’

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Friday, November 01, 2013-1:27 PM

रायपुर: कांकेर के झलियामारी दुराचार मामले के दोषियों को अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह और आदिम जाति कल्याण मंत्री केदार कश्यप भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अदालत के इस फैसले से अबोध मासूम  बच्चियों और उनके परिजनों को न्याय मिला है।

 

उन्होंने कहा कि लोग सरकार पर भरोसा कर अपने मासूम  बच्चों को सरकारी आश्रमों और छात्रावासों में भेजते हैं। भाजपा की रमन सरकार झलियामारी आश्रम के 6-14 वर्ष की मासूम  बच्चियों को सुरक्षा नहीं दे पाई। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अभिवावकों के भरोसे को तोड़ा है। शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के अनेक आश्रमों में बच्चियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं, बालोद के आमाडोला आश्रम में भी एक  बच्ची दुराचार की शिकार हुई थी।

 

मुख्यमंत्री ने तो इस आश्रम की अधीक्षिका को सर्वश्रेष्ठ अधीक्षिका का सम्मान दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में हर दूसरे दिन एक दुष्कर्म की घटना हो रही है, महिलाएं लापता हो जाती हैं। दिल्ली, मुंबई में छत्तीसगढ़ की महिलाएं बेची जा रही हैं, रमन सरकार सोई हुई है।

 

उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद यह साबित हो गया है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी छात्रावासों में बच्चियों सुरक्षित नहीं हैं। यह स्थिति प्रदेश के मुखिया के लिए और सरकार के लिए शर्मनाक है। शुक्ला ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री रमन सिंह में जरा भी नैतिकता बची है तो वे अपने पद से तत्काल इस्तीफा दें तथा प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।’’


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