भूमिहीनों को जमीन देने के लिए कठोर राजनीतिक फैसले करने की जरूरत: रमेश

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Friday, November 01, 2013-3:47 PM

कन्नूर (केरल): केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आज केरल के कन्नूर जिले को देश का ऐसा पहला जिला घोषित किया जहां कोई भी भूमिहीन नहीं है और कहा कि अखिल भारतीय आधार पर ऐसे कार्यक्रम को लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।

मंत्री ने कन्नूर को देश का पहला शून्य भूमिहीन जिला घोषित करते हुए कहा, ‘‘जिले में हर भूमिहीन गरीब परिवार को घर बनाने के लिए तीन सेंट जमीन मिलने जा रही है। यह एक ऐतिहासिक कदम है।’’

रमेश ने कहा कि देश में अब भी जो करीब 1.5-1.7 लाख भूमिहीन परिवार हैं उन्हे जमीन वितरित करने के लिए कठोर राजनीतिक निर्णय लेने की जरूरत है।  उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल किया जा सकता है। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए और इसके लिए अतिरिक्त जमीन (निजी व्यक्तियों के पास) और बेकार पड़ी जमीन के संदर्भ में कुछ कठोर राजनीतिक फैसले करने की जरूरत है। ’’

रमेश ने अन्य राज्यों से केरल द्वारा पेश उदाहरण का अनुकरण करने का अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति कहती है कि हर बेघर व्यक्ति को घर बनाने के लिए 10 सेंट जमीन मिलनी चाहिए लेकिन केरल में जमीन के अभाव में इतनी जमीन दिया जाना असंभव है।


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