त्यौहारों पर आतंकी हमले की आशंका, अलर्ट की आई चिट्ठी

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Saturday, November 02, 2013-12:10 PM

नई दिल्ली, (कुमार गजेन्द्र):   त्यौहारों के मौके पर खुफिया एजैंसियों की ओर से एक बार फिर, आतंक से बचाव के लिए चिट्ठी भेजी गई है। चिट्ठी में दीवाली के मौके पर सुरक्षा और टाइट करने के निर्देश दिए गए हैं। आतंकी हमले की आशंका के मद्देनजर पुलिस को सुरक्षा उपाय करने और उन पर अमल करने के  लिए भी लिखा गया है। दिल्ली समेत कई राज्यों में चुनावों का बिगुल बज चुका है, इसे देखते हुए सभी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा को भी फिर से जांचने की बात कही गई है।

दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि इस तरह की चिट्ठी दिल्ली समेत कई राज्यों को भेजी गई है जिसमें सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। बताया जाता है कि भाजपा के पी.एम. इन वेटिंग नरेन्द्र मोदी की सभा के दौरान पटना में हुए धमाकों को लेकर खुफिया विभाग बेहद चिंतित है, धमाकों के बाद जिस तरह से आरोप प्रत्यारोप का  दौर शुरू हुआ, उससे खुफिया विभाग के भी कई आला अधिकारी खासे नाराज हैं।

सूत्रों की मानें तो इंडियन मुजाहिद्दीन के नए चीफ बने तहसीन अख्तर के निशाने पर नेताओं की रैलियों के अलावा त्यौहारों के मौके पर राजधानी समेत कई राज्यों के बड़े बाजार भी हैं। इंडियन मुजाहिद्दीन की इससे पहले की वारदातों पर नजर डालें तो इस संगठन ने भीड़ भरे बाजारों को सबसे ज्यादा निशाना बना है। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं। इसके अलावा आई.एम. के आतंकियों ने धमाकों को अंजाम देने के लिए हमेशा घेरलू सामान का इस्तेमाल किया है। जैसे कूकर को विस्फोटकों से भर कर उसे बम का रूप दिया। साइकिलों पर बम प्लांट कर धमाके किए, पुराने स्कूटर या बाइक आदि पर विस्फोटक लगाए।

 खुफिया विभाग की इस चिट्ठी में आतंकियों द्वारा विभिन्न धमाकों में इस्तेमाल किए गए इन सामानों से भी सतर्क रहने की बात लिखी गई है। पुलिस ने इस सूचना के बाद दिल्ली के होटल, गैस्ट हाऊस और पार्किंग आदि को खंगालना शुरू कर दिया है।

तहसीन अख्तर का कोड नेम था शकूर:
इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी अब अपने असली नाम से काम नही कर रहे हैं। सुरक्षा एजैंसियों को धोखा देने के लिए कोड नेम का प्रयोग किया जा रहा है।  पटना धमाकों के मास्टरमाइंड और आई.एम. चीफ तहसीन अख्तर ने भी सुरक्षा एजैंसियों को धोखा देने के लिए कोड नेम का प्रयोग किया था। मिशन पटना में तहसीन का कोड नेम शकूर था जिससे उसे ट्रेपिंग के दौरान पकड़ा नही जा सका था।

एन.आई.ए. के एक अधिकारी की मानें तो कोड नेम वाली बात का खुलासा मेहर आलम ने किया है। आलम वह व्यक्ति है जिसने सबसे पहले तहसीन के आई.एम. चीफ बनने की बात सुरक्षा एजैंसियों को बताई थी। आलम ने एन.आई.ए. की पूछताछ में बताया कि यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद जैसे ही संगठन की कमान तहसीन अख्तर के हाथ आई, उसनेसंगठन के कामकाज में कई         तरह के परिवर्तन किए।

इनमें से एक परिवर्तन यह भी है कि संगठन का कोई भी आतंकी अपने असली नाम से नही जाना जाएगा। खास तौर पर किसी मिशन पर काम करते वक्त तो उसे कोड नेम से ही जाना जाएगा।  कोड नेम के आधार पर तहसीन के पास कई पहचान संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस भी नए सिरे से ट्रेनों की बुकिंग मामले में शकूर नाम से जांच करने में जुटी है।


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