भारत के मंगल अभियान के लिए उल्टी गिनती शुरू

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Sunday, November 03, 2013-10:40 AM

चेन्नई: भारत के पहले मंगल अभियान के लिए आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उल्टी गिनती शुरू हो गई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रवक्ता ने आज सुबह फोन पर प्रेस ट्रस्ट को बताया ‘‘अभियान के लिए 56 घंटे 30 मिनट की उल्टी गिनती तय समय के अनुसार आज सुबह 6 बज कर 8 मिनट पर शुरू हो गई। अभी तक सब कुछ ठीक है।’’

इसरो का प्रक्षेपण वाहन पीएसएलवी सी25 भारत के पहले अंतर ग्रहीय उपग्रह ‘मार्स ऑर्बिटर मिशन’ (एमओएम) को लेकर 5 नवंबर को यहां से करीब 100 किमी दूर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से दोपहर 2 बज कर 38 मिनट पर रवाना होगा।

 ‘द लॉन्च ऑथराइजेशन बोर्ड’ ने एक नवंबर को एमओएम के प्रक्षेपण की मंजूरी दे दी थी। इससे एक दिन पहले ही प्रक्षेपण का सफल अभ्यास किया गया था। समझा जाता है कि रॉकेट प्रक्षेपण के बाद उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में करीब 40 मिनट में स्थापित करेगा।

इसरो के सूत्रों ने बताया कि प्रक्षेपक वाहन पर नजर रखने वाले स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया है। इनमें पोर्ट ब्लेयर, बेंगलूर के ब्यालल तथा दक्षिण प्रशांत महासागर में तैनात भारतीय जहाजरानी निगम के पोत एससीआई नालंदा और एससीआई यमुना में लगे टर्मिनल शामिल हैं।

समझा जाता है कि प्रक्षेपण के बाद उपग्रह 20 से 25 दिन पृथ्वी के आसपास घूमेगा और फिर एक दिसंबर को पूरे 9 माह के लिए लाल ग्रह की सतह पर उतर जाएगा। उपग्रह 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंच जाएगा। अगर भारत इस 450 करोड़ रुपये की लागत वाले एमओएम मिशन में सफल हो जाता है तो वह अमेरिका, रूस और यूरोप के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश होगा।

यूरोपीय देशों की यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए), अमेरिका के नासा और रूस के रोस्कॉस्मॉस... इन तीन एजेंसियों ने अब तक लाल ग्रह के अभियानों में सफलता प्राप्त की है। मंगल के लिए अब तक 51 अभियान संपन्न हुए हैं जिनमें से केवल 21 ही सफल रहे हैं।


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