चुनाव आयोग से राहुल गांधी ने मांगी 7 दिन की मोहलत

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Monday, November 04, 2013-2:24 PM

नई दिल्ली: चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आचार संहिता उल्लंघन के नोटिस का जवाब देने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी पहले से तय यात्रा प्रतिबद्धताओं और त्यौहारों के चलते अवकाशों का हवाला देते हुए आज एक हफ्ते का और समय मांगा। राहुल को चुनाव आयोग ने उनकी उस टिप्पणी के संबंध में नोटिस जारी किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के संपर्क में है। आयोग ने उनसे आज साढे ग्यारह बजे तक इस नोटिस का जवाब देने को कहा था। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत को भेजे पत्र में कहा कि वह जवाब देने के लिए कुछ और समय चाहते हैं, क्योंकि त्योहारों के कारण छुट्टियां हैं।

राहुल ने कहा कि उन्हें आयोग का नोटिस 31 अक्तूबर को रात साढे नौ बजे मिला था और उनके पास इस मुद्दे पर वकीलों से सलाह करने का समय बहुत कम था। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने निर्धारित समय के अंदर नोटिस का जवाब न न दे पाने के लिए अपनी पहले से तय यात्रा प्रतिबद्धताओं का भी हवाला दिया। आयोग के सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग राहुल गांधी के पत्र पर विचार कर रहा है ।

चुनाव आयोग ने राहुल को उनकी उस टिप्पणी के संबंध में नोटिस जारी किया था ,जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के संपर्क में है और भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह घृणा की राजनीति में शामिल है।

आयोग ने राहुल द्वारा 23 अक्तूबर को राजस्थान के चुरू में तथा 24 अक्तूबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में दिये गये भाषणों की जांच करने और निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष से सोमवार तक इस बारे में अपना जवाब देने को कहा था कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रथम दृष्टया उल्लंघन को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए।

चुनाव आयोग ने कहा कि तय अवधि के भीतर अगर जवाब नहीं मिला तो यह माना जाएगा कि राहुल के पास जवाब में कहने के लिए कुछ नहीं है और ऐसे में आयोग आगे बिना किसी उल्लेख के उचित कार्रवाई आरंभ करेगा। भाजपा ने चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत की थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष सांप्रदायिक आधार पर वोट की अपील करके और विभिन्न समुदायों के बीच घृणा पैदा कर आचार संहिता का कथित रूप से उल्लंघन कर रहे हैं ।
 


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