दीवाली पर दिखा महंगाई का असर

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Monday, November 04, 2013-2:10 PM

नई दिल्ली (मनीष राणा):  दीपावली की जगमगाती रोशनी पर भी महंगाई की मार का असर इसबार साफ दिखाई दे रहा हैं। अधिकतर लोग घरों को रोशन करने के साथ ही लाईट बचाने में लगे हैं और पूरी रात लाईट जलाने से बच रहे हैं। ऐसा एक नहीं कई स्थानों पर देखने को मिल रहा हैं। इसके साथ ही बिजली की ज्यादा खपत करने वाले आईटमों से लोग दूरी बना रहे है और एल.ई.डी. लाईटों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। 

महंगाई का असर अब त्यौहारों पर भी अपना असर दिखाने लगा हैं। रौशनी का त्यौहार दीपावली भी इससे अछूता नहीं रहा है,यहीं कारण है कि त्यौहार की खुमारी में बिजली का बिल ज्यादा आने से उनका बजट ही नहीं बिगड़ जाए,इसलिए लोगों का ध्यान लाईट बचाने पर भी लगा हुआ हैं। अधिकतर लोग अपने घरों पर लगी लाईटें शाम छह से रात बारह बजे तक जलाने के बाद बंद कर देते हैं। लोगों का कहना है कि रात बाहर बजे बाद कोई देखता नहीं है कि किसके घर कैसी लाईट लगी है, ऐसे में बेकार में लाईट जलाकर बिल बढऩे से क्या फायदा हैं। दूसरी तरफ रौशनी भी करने और लाईट भी बचाने के लिए लोग इसबार ज्यादातर एल.ई.डी लाईटों का प्रयोग कर रहे हैं। जिससे रौशनी भी हो और बिल भी कम आए। 

नहीं दिखती बल्ब वाली झालर: कुछ समय पहले तक लोग दीपावली के मौके पर  अपने घरों या प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए बल्ब वाली झालरों का प्रयोग करते थें। बल्ब वाली झालर प्रयोग करने का एक बड़ा कारण यह था कि एक तो यदि कोई बल्ब फ्यूज भी हो जाता था, तो भी झालर चलती रहती थी। जबकि दूसरी झालर एक बल्ब बंद होने पर पूरी ही बंद हो जाती थी। मगर अब बढ़ते बिजली के रेट के चलते बल्ब की झालर का चलन नहीं के बराबर रह गया है। 

Edited by:Jeta

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