संप्रग ने विदेश नीति में मौलिक बदलाव किए: प्रधानमंत्री

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Tuesday, November 05, 2013-10:49 AM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि संप्रग सरकार ने पिछले नौ वर्षों के दौरान राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक मामलों में देश की भूमिका तथा उसके भविष्य के आधार पर देश की विदेश नीति में मौलिक बदलाव करने की कोशिश की है। भारतीय दूतावासों के प्रमुखों के चार दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय राजूदतों की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने मामूली संसाधनों के साथ अक्सर खतरनाक स्थितियों में अपने काम को अंजाम दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने विदेश नीति में एक मौलिक बदलाव का प्रयास किया है जो कि हमारा मानना है कि वैश्विक मामलों में भारतीय भूमिका और भविष्य पर आधारित है।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश नीति को हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और चिंताओं को प्रदर्शित करना चाहिए और हमारी क्षमताओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय विदेश नीति को पांच सिद्धांत परिभाषित करते हैं। इनमें भारत की विकास प्राथमिकताओं के आधार पर विश्व के साथ उसका जुड़ाव तय होता है। विश्व अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ाव से भारत को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सभी देशों के लाभ के लिए हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करके एक वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा का वातावरण बनाने के लिए तैयार हैं।


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