पटाखों से झुलसे कई लोग, आग भी लगी

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Tuesday, November 05, 2013-1:05 PM

नई दिल्ली: जहां एक ओर लोग दीवाली पर खुशी मना रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर राजधानी में करीब एक हजार लोग आग की चपेट में आकर अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे। वहीं राजधानी में ढाई सौ से ज्यादा जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। पटाखों की चपेट में आने से अस्पतालों में मरीजों की बाढ़ आ गयी।

शाम से ही आग से जलने वाले मरीज अस्पतालों में दिखने लगे। अस्पतालों में किए गए इंतजाम कुछ हद तक कारगर साबित
हुए तो कहीं लोगों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ा। पटाखों की आग से झुलसने वालों का आंकड़ा एक हजार से अधिक रहा। हालांकि इस वर्ष कुछ अस्पतालों में पिछले वर्ष के मुकाबले आग से जलने वाले  मरीजों का आंकड़ा कम रहा तो कहीं ज्यादा मरीज पहुंचे।

दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों की बात करें तो सबसे ज्यादा मरीज सफदरजंग अस्पताल में पहुंचे। यहां करीब आतिशबाजी के शिकार दो सौ मरीज पहुंचे। अस्पताल के प्लास्टिक एव मैक्सीलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रमुख  डॉ वरुण अग्रवाल ने बताया कि इनमें 20 मरीज गंभीर रूप से जले हुए थे। पांच मरीज अभी आग से जलने की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं।

लोकनायक अस्पताल प्लास्टिक सर्जरी विभाग के परामर्शदाता डॉ पी.एस भंड़ारी ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष आग से जलकर आने वाले मरीजों की संख्या कम थी। जहां पिछले वर्ष आग से झुलसने वाले 70 मरीज पहुंचे थे, तो वहीं इस वर्ष 35 मरीज अस्पताल में आए। एक मरीज गंभीर जला हुआ पहुंचा, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

दीनदयाल अस्पताल के डॉ आशीष ढींगरा ने बताया कि आग से जलने की वजह से इस साल करीब 100 मरीज अस्पताल में आए जिनमें से सभी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ ललित मखीजा ने बताया कि उनके अस्पताल में 40 मरीज पहुंचे थे, जिनमें सभी को प्राथमिक उपचार के बाद  अस्पताल से घर भेज दिया गया। इसी तरह दिल्ली के हर अस्पताल आतिशबाजी के दौरान औसतन 10- 15 मरीज पहुंचे।

266 जगहों पर लगी आग :
दमकल विभाग की माने तो पिछले साल के मुकाबले इस साल दीवाली दिवाली के मौके आग की घटनाओं में इजाफा हुआ है। 2012 में जहां आग की कुल 252 कॉल मिली थी तो इस बार दमकल विभाग को 266 जगहों पर आग लगने की सूचना मिली।

 फायर अधिकारियों के मुताबिक एक दो जगहों को छोड़कर कहीं भी बड़ी आग नहीं लगी। दमकल विभाग के निदेशक एके शर्मा के मुताबिक दीपावली पर आग लगने की घटनाओं को देखते हुए इस बार पूरे दिल्ली में 20 जगहों पर अस्थायी दमकल केंद्र बनाए गए थे। इसके अलावा आपात स्थिति के लिए 53 टीमें तैयार की गई थीं। दिल्ली के तमाम फायर स्टेशनों पर करीब 1800 दमकल कर्मी तैनात रहे। शनिवार रात 12 बजे से रविवार रात 12 बजे तक दमकल विभाग को आग लगने की कुल 177 कॉल मिली जबकि रात 12 बजे से लेकर सोमवार सुबह आठ बजे सुबह तक 89 कॉल आई। इसमें से 77 कॉल पटाखे की वजह से आग लगने की थी।


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