अवैध निर्माण में सी.बी.आई. करे केस: कोर्ट

  • अवैध निर्माण में सी.बी.आई. करे केस: कोर्ट
You Are HereNational
Tuesday, November 05, 2013-2:29 PM

नई दिल्ली : अवैध रूप से निर्माण करने वाले बिल्डरों, मकान मालिकों, उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिज्ञों और अधिकारियों के खिलाफ सी.बी.आई. को केस दर्ज करके कार्रवाई करनी चाहिए। यह सलाह देते हुए तीस हजारी कोर्ट के विशेष जज ए.के. मेहंदीरत्ता ने अवैध निर्माण करने वालों पर फर्जी कार्रवाई करने के मामले में फंसे निगम के अधिकारियों को बरी कर दिया है। अदालत ने निगम के जूनियर इंजीनियर अजय कुमार सिरोतिया और दो अन्य आरोपियों को इस मामले में बरी किया है।

इन तीनों पर सी.बी.आई. ने एक शिकायत पर वर्ष 2002 में केस दर्ज किया था। जांच एजैंसी के अनुसार सिरोतिया व अन्य आरोपियों ने एक अवैध निर्माण को ढहाने की कागजी कार्रवाई की, जबकि असल में अवैध निर्माण को तोड़ा नहीं गया था।

अदालत ने कहा कि सी.बी.आई. को चाहिए कि वह इस तरह के मामलों को लेकर तुरंत एक एफआईआर दर्ज करे। जिसमें दिल्ली म्युनिसिपल एक्ट के तहत अवैध निर्माण करने वाले मकान मालिकों, क्षेत्र के नगर निगम के जेई, राजनीतिक दलों से जुड़े लोग और अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया जाए।

अदालत ने मामले में नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि वह जेई सिरौतिया के अलावा इसी तरह के अन्य मामलों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करें।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You