मिशन मंगल: ISRO प्रमुख ने की पूजा-अर्चना, वैज्ञानिकों में खुशी की लहर

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Wednesday, November 06, 2013-9:17 AM

तिरमाला: मंगल ग्रह के लिए अंतरिक्षयान के सफल प्रक्षेपण के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख के राधाकृष्णन कल यहां श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। तिरमाला तिरपति देवस्थानम के अधिकारियों के अनुसार इस ऐतिहासिक मिशन से जुडे वैज्ञानिकों का दल भी इस दौरान उनके साथ होगा।

डा. राधाकृष्णन ने मंगलयान की पूर्वसंध्या पर भी कल मंदिर में पूजा अर्चना की थी। प्रत्येक अंतरिक्ष अभियान से पहले भगवत्कृपा पाने के लिए इसरो के प्रमुखों द्वारा दो हजार साल से अधिक प्राचीन तिरमला मंदिर में पूजा-अर्चना करने की परम्परा बन गयी है।

उधर महत्वाकांक्षी मंगलयान अभियान को जहां कुछ हलकों ने इसे महंगा अभियान बताते हुए इसके औचित्य पर सवाल खड़ा किया वहीं देश के वैज्ञानिक समुदाय ने इसके सफल प्रक्षेपण पर खुशी जताते हुए इसे मील का एक पत्थर करार दिया। विशेषज्ञों ने अभियान के बड़े बजट पर कुछ हलकों के एतराजों पर कहा कि भारत को अब अंतरिक्ष विज्ञान पर ‘‘व्यापकतर’’ नजरिया अपनाना चाहिए।

बिड़ला तारामंडल के निदेशक बीजी सिद्धार्थ से जब पूछा गया कि 450 करोड रूपये की लागत पर मंगल अभियान से क्या हासिल किया जा सकता है तो उनका जवाब था, ‘‘भारत जैसे किसी देश को व्यापकतर नजरिया अपनाना चाहिए।

अंटार्कटिका में हमारे वैज्ञानिक केन्द्र हैं, सो विज्ञान के तमाम अग्रिम मोर्चों में हमारा दखल होना चाहिए, ना सिर्फ उपयोगिता के उद्देश्यों के तहत बल्कि युवाओं को प्रेरित करने और भारतीय अंतरिक्ष उत्पादों के लिए एक अच्छा बाजार गढऩे जैसे अन्य चीजों के लिए भी।’’ सिद्धार्थ ने मंगल यान के लिए 450 करोड़ रूपये को उचित बताते हुए कहा, ‘‘भारत को महज तत्कालिक वर्तमान की नहीं, बल्कि भविष्य की ओर भी निगाह रखनी चाहिए।’’


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