छठ पूजा में राजनीतिक प्रचार की मनाही: आयोग

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Wednesday, November 06, 2013-2:11 PM

नई दिल्ली :इन दिनों राजनीतिक पार्टियां सभी दांव अपना कर देख लेना चाहती है। ताकी ज्यादा से ज्यादा वोटर इनके तरफ आकर्षित हो सकें। इसलिए ये पूर्वाचल के वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए छठ पूजा बेहतर अवसर मानते हैं।

भले ही राजनीतिक पार्टियां त्योहारों में वोटरों को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश करती रही है। लेकिन इस बार उनकी प्रत्येक गतिविधि पर चुनाव आयोग की नजर है। चुनाव आयोग का कहना है कि इस धार्मिक अवसर का राजनीतिज्ञ लाभ उठाना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करना है।

आयोग इस बार छठ पूजा में भी किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि करने की मनाही का निर्देश जारी किया है। दुर्गा पूजा और दीवाली के बाद छठ पूजा ही एक ऐसा अवसर है जिसमें काफी संख्या में लोग इक_े होते हैं। राजनीतिज्ञ इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी बात उनके बीच रखने की कोशिश करते हैं।

पर इस बार चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि किसी नेता या प्रत्याशी के व्यक्तिगत रूप से धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने में कोई मनाही नहीं है, लेकिन वह राजनीतिक मुद्दे पर कोई नहीं करेगा।धार्मिक कार्यक्रम का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता। और ना ही कोई पार्टियां ना तो बैनर लगा सकता है और ना ही पोस्टर।

यदि कोई पार्टी या नेता ऐसा करेगा तो इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए संबंधित पार्टी या नेता के खिलाफ चुनाव आयोग कार्रवाई करेगा।


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