पहले भी नौकरानियां होती रही हैं मालिकों की शिकार

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Thursday, November 07, 2013-1:33 PM

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में घरेलू नौकर पहले भी मालिकों और मालकिनों के शिकार बनते रहे हैं। सांसद के बंगलों में तो नौकरों पर जमकर अत्याचार होते हैं, लेकिन मामला वी.वी.आई.पी. लोगों का होता है, इसलिए गरीबों की सिसकियां बाहर तक नही आ पातीं।

इससे पहले 20 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी के नेता मुरली मनोहर जोशी के सरकारी बंगले में एक नौकर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। झारखंड का रहने वाला जीवन सांगा (23) 2 सालों से इस बंगले में नौकरी कर रहा था।

जिस वक्त उसकी मौत हुई उस वक्त काफी हो हल्ला मचा था, लेकिन बाद में मामले को दबा दिया गया। दूसरा मामला इसी साल 4 अक्तूबर को वसंत कुंज इलाके में सामने आया था। यहां रहने वाली एक महिला वंदना धीर ने अपनी नौकरानी को जमकर पीटा था।

नौकरानी को एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए काम पर रखा गया था। नौकरानी का आरोप था कि उसकी मालकिन उसे जमकर पीटती थी। जब वह घर जाने की बात कहती तो, उसे और पीटा जाता था। पड़ोस के लोगों की शिकायत पर आरोपी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तीसरी वारदात सफदरजंग इलाके की है। यहां 29 अक्तूबर को पुलिस ने एक फ्लैट से 13 वर्षीय नाबालिग को मुक्त कराया।

यह फ्लैट एक एयरहोस्टेस का था। जिस वक्त पुलिस ने पड़ोसियों की शिकायत पर किशोरी को मुक्त कराया, आरोपी एयरहोस्टेस देश से बाहर थी। किशोरी का आरोप था कि उसे मालकिन जमकर मारती थी और कहीं जाने के दौरान उसे फ्लैट के अंदर ही बंद करके जाती थी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इस बार नौकरानी की हत्या का आरोप सांसद और उनकी डाक्टर पत्नी पर है।


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