मेड एजेंसीज पर शिकंजे को विधेयक का ड्राफ्ट तैयार

  • मेड एजेंसीज पर शिकंजे को विधेयक का ड्राफ्ट तैयार
You Are HereNational
Thursday, November 07, 2013-1:32 PM

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने आज उच्च न्यायालय को सूचित किया कि राष्ट्रीय राजधानी में घेरलू कामगारों के शोषण की घटनाएं बार-बार सामने आने के मद्देनजर यहां नौकरी दिलाने वाली एजेंसियों को विनियमित करने के इरादे से ‘दिल्ली निजी प्लेसमेंट एजेंसी :विनियमन: विधेयक’ का मसौदा तैयार कर लिया गया है।

मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमण और न्यायमूर्ति मनमोहन की सदस्यता वाली पीठ के समक्ष स्थिति रिपोर्ट दाखिल करते हुए दिल्ली सरकर ने कहा कि दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत 1754 प्लेसमेंट एजेंसियां पंजीकृत हैं। इसने आगे कहा कि विभिन्न सुझावों को शामिल करने के बाद मसौदा तैयार किया गया है।

 रिपोर्ट के मुताबिक यह विधेयक पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडि़शा को भी भेजा गया है क्योंकि इन राज्यों से काफी संख्या में घरेलू सहायक आते हैं। विधेयक को दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। पीठ गैर सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिकाकत्र्ता की वकील पी. कौर ने पीठ से कहा कि इस अदालत द्वारा बार बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद घरेलू सहायकों का हर दिन शोषण हो रहा है। सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने शहर की दो ताजा घटनाओं का भी हवाला दिया।

याचिका में कहा गया है कि अदालत ने पिछले साल मार्च में कहा था कि इस विधेयक को 2-3 महीने में प्रभावी किया जाए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You