मानहानि के मुकदमे में सैन्य अधिकारियों ने मंजूरी नहीं लेने की दलील दी

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Thursday, November 07, 2013-4:14 PM

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत मानहानि के मामले में पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के साथ आरोपित चार अन्य सैन्य अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं लिए जाने की दलील पद नौ दिसंबर को अपना फैसला सुनाएगी।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने आपराधिक दंड संहिता की धारा 197 (2) के तहत दायर इन सैन्य अधिकारियों की याचिकाओं पर आज सुनवाई पूरी कर ली। इस धारा में प्रावधान है कि सरकार की पूर्व मंजूरी के बगैर अदालत को किसी कथित अपराध के लिए संज्ञान नहीं लेना चाहिए। मजिस्ट्रेट ने कहा, '9 दिसंबर को आदेश के लिए पेश किया जाए।'

अदालत ने पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल तेजिन्दर सिंह की ओर से दायर आपराधिक मानहानि शिकायत पर वीके सिंह के साथ चार आरोपितों-तत्कालीन सैन्य उप प्रमुख एसके सिंह, अवकाशप्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल बीएस ठाकुर (तत्कालीन सैन्य खुफिया महानिदेशक), मेजर जनरल एसएल नरसिम्हन (लोकसूचना के एडीजी) और कर्नल हितेन साहनी को तलब किया था। तेजिन्दर सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि पिछले साल 5 मार्च को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सेना उन्हें बदनाम कर रही है। इस प्रेस विज्ञप्ति में तेजिन्दर सिंह पर 600 ट्रकों के सौदे को मंजूरी देने के एवज में तत्कालीन सेना प्रमुख को 14 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का आरोप लगाया गया था।


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