हरियाणा में चुनाव के चलते आया महारैलियों का मौसम

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Friday, November 08, 2013-10:20 AM

चंडीगढ़: हरियाणा में शक्ति प्रदर्शन का समय आ गया है और राजनीतिक रूप से कहा जाता है कि जो ज्यादा ताकत दिखाएगा, वही बेहतर माना जाएगा। अब जहां आम चुनाव में छह माह और राज्य विधानसभा चुनाव में 11 माह शेष रह गए हैं तो ऐसे में सिर्फ बड़ी रैलियां ही शुरू नहीं हुई हैं, बल्कि राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच इसे लेकर होड़ भी मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने सितंबर महीने में राष्ट्रीय और भाजपाई राजनीति के केंद्रीय मंच पर धमकने के साथ ही पहली बड़ी रैली कर ‘रैली जंग’ का बिगुल फूंक दिया था।

हरियाणा के रेवाड़ी कस्बे में आयोजित उनकी रैली में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी. के. सिंह ने उनके साथ मंच साझा किया था। यह रैली कांग्रेस शासित इस प्रदेश में हाल के दिनों की सबसे बड़ी रैली थी। मोदी ने कहा था कि रैलियों में जुटने वाली भीड़ से वे अत्यंत उत्साहित हैं। भीड़ देख मुदित मोदी ने तब टिप्पणी की थी, ‘जहां तक नजर जाती है केवल मुंड ही मुंड नजर आता है।’ हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने पिछले सप्ताह एक अलग अंदाज में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। भारतीय महागाथा ‘महाभारत’ में उल्लेखित कुरुक्षेत्र में पार्टी ने ताकत दिखाई।

सभा में जाने के लिए इनेलो कार्यकर्ताओं ने न केवल राज्य की लाइफ लाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 को जाम लगा दिया, बल्कि रैली में अपार भीड़ भी उमरी। यह रैली देश के पूर्व प्रधानमंत्री देवी लाल की 100वीं जयंती मनाने के लिए आयोजित की गई थी। इस रैली की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें कई धाराओं के दल और नेता एक मंच पर उपस्थित हुए थे। जिन नेताओं ने रैली में शिरकत की उसमें शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त (संरक्षक) और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी, असम के पूर्व मुख्यमंत्री और असम गण परिषद के नेता प्रफुल्ल कुमार महंत, तेलुगू देशम पार्टी के नेता और यहां तक कि गुडग़ांव से कांग्रेस के सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी शामिल थे।

अब इन रैलियों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने पानीपत के नजदीक गोहाना शहर में रविवार को एक बड़ी की तैयारी में हैं। हुड्डा की यह रैली उनके दूसरे कार्यकाल का चौथा वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित की जा रही है। रैली की तैयारी विशाल 500 एकड़ भूमि पर की जा रही है। अब देखना है कि इसमें कितनी भीड़ जुटती है। 


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