भोपाल उत्तर में कांग्रेस के आरिफ के मुकाबले हैं भाजपा के आरिफ

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Friday, November 08, 2013-12:01 PM

भोपाल: मध्यप्रदेश के अस्तित्व में आने के बाद हुए तीन विधानसभा चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहे भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र पर केवल एक बार 1993 में कब्जा करने वाली भाजपा ने 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के आरिफ अकील के खिलाफ पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ बेग को मैदान में उतारा है।

 

भोपाल उत्तर पर 1957, 1967 और 1972 में भाकपा के शाकिर अली खान के बाद 1977 और 1993 में हुए विधानसभा चुनावों को छोड़कर अमूमन कांग्रेस का ही कब्जा रहा है, लेकिन इस बार देखना है कि कौन से आरिफ को पराजय का सामना करना पड़ता है, क्योंकि एक आरिफ, अकील है, तो दूसरा बेग। मुस्लिम मतदाता बहुल इस विधानसभा सीट पर जनता पार्टी लहर के दौरान उसके हमीद कुरैशी ने जीत दर्ज की थी, तो 1993 में जनता दल की टिकट पर खड़े हुए आरिफ अकील को भाजपा के रमेश शर्मा ‘गुट्टू भैया’ ने 9677 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी।

 

तब कांग्रेस प्रत्याशी रसूल अहमद सिद्दकी तीसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें मात्र 7409 मत ही मिल सके थे। यह और बात है कि इससे पहले 1990 में आरिफ अकील ने निर्दलीय प्रत्याशी के बतौर भाजपा के रमेश शर्मा को 2863 मतों से परास्त किया था और फिर से यहां कांग्रेस के हसनात सिद्दीकी 7935 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। चुनावी इतिहास यह भी बताता है कि कांग्रेस के रसूल अहमद सिद्दीकी इस सीट से 1980 और 1985 में लगातार दो बार जीतकर सरकार में मंत्री बने थे, लेकिन 1998, 2003 और फिर 2008 के पिछले विधानसभा चुनावों में आरिफ अकील ने लगातार तीन बार कांग्रेस से जीत का परचम लहराया तथा वह भी कांग्रेस सरकार में मंत्री बने।

 

सूत्र बताते हैं कि चौदहवीं विधानसभा के गठन के लिए 25 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए भोपाल उत्तर से भाजपा का कोई भी हिन्दू चेहरा, 63 वर्षीय अकील के सामने मैदान में उतरने को तैयार नहीं हुआ, तब पार्टी ने उनके खिलाफ 78 वर्षीय आरिफ बेग को तैयार किया, हालाकि वह इंदौर में जन्मे हैं और उन्होने अपना राजनीतिक सफर ‘समाजवादी नेता’ के बतौर शुरू किया था। इस चुनाव को लेकर दोनो आरिफ अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं।

 

बेग का कहना है कि अकील, हमेशा इस्लाम पर खतरे की बात कर चुनाव जीतते रहे हैं, लेकिन वह तो हिन्दू एवं मुसलमानों के बीच साम्प्रदायिक सद्भाव पर अपना प्रचार अभियान केन्द्रित रखेंगे। इस बारे में पूछने पर अकील ने कहा कि बेग की बातों में दम नहीं है, क्योंकि भोपाल में तो हमेशा से हिन्दू और मुसलमान सद्भाव से रहते आए हैं। इसलिए बेग जो कह रहे हैं, उसके लिए कोई प्रयास करने की जरूरत नहीं है।


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