मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए की गई पटेल की हत्या: राहुल

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Friday, November 08, 2013-4:22 PM

राजनदंगांव: मई में कांग्रेस नेताओं पर हुए भीषण माओवादी हमले पर अत्यंत भावुक होते हुए राहुल गांधी ने आज कहा कि प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व प्रमुख नंद कुमार पटेल की हत्या उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोकने और यहां गरीबों एवं आदिवासियों की आवाज को खामोश करने के लिए की गई थी। बस्तर में 25 मई को हुए भीषण माओवादी हमले को लेकर रमन सिंह सरकार की आलोचना करते हुए राहुल ने कहा कि ‘‘यह कांग्रेस पार्टी पर नहीं, बल्कि लोगों पर हमला’’ था।

 

उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वे इस घटना को नहीं भूलें और राज्य की सत्ता में कांग्रेस को लाएं । माओवादी हमले में राज्य का समूचा वरिष्ठ कांग्रेस नेतृत्व खत्म हो गया था। भाजपा पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि वे ‘‘भ्रष्टाचार के विश्व चैम्पियन’’ हैं और वे लोगों नहीं, बल्कि कुछ व्यक्तियों के सशक्तीकरण में यकीन करते हैं। मुख्यमंत्री रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि उस भयावह दिन यह पटेल नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोग थे जिन्हें मौत के घाट उतारकर खामोश कर दिया गया।

 

उन्होंने जनसमूह से कहा, ‘‘उस समय हुई हिंसा ओैर हमला केवल कांग्रेस पार्टी पर केंद्रित नहीं था । यह यहां मौजूद इन लोगों, महिलाओं की आवाज पर हमला था।’’ चुनावी सभा में बड़ी संख्या में आदिवासी शामिल थे। मारे गए पूर्व कांग्रेस प्रमुख पटेल का बार-बार जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नंद कुमार पटेल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे। उन्हें कोई नहीं रोक सकता था। उन्हें रोकने का कोई रास्ता नहीं था। केवल एक रास्ता था और वह यह था कि उन्हें खत्म कर दिया जाए।’’ राहुल ने कहा, ‘‘गरीबों और आदिवासियों की आवाज उनके (पटेल) दिल में गूंजती थी।

 

उस दिन उन्हें नहीं, बल्कि आप लोगों को मारा गया। इसे नहीं भूलना कि वे आपसे ताल्लुक रखते थे और उन्हें आपसे छीन लिया गया।’’ राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारा समूचा नेतृत्व समाप्त कर दिया गया, लेकिन वे (राज्य सरकार) कहते हैं कि उनकी कोई गलती नहीं है। हमारा पूरा नेतृत्व साफ हो गया, लेकिन वे कहते हैं कि यह उनकी गलती नहीं है’’। नक्सलियों ने 25 मई को जगदलपुर जिले में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया था जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा मारे गए थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल घायल हो गए थे।

 

शुक्ल की बाद में एक अस्पताल में मौत हो गई थी। बाद में प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख नंद कुमार पटेल और उनके बेटे के शव जंगलों में मिले थे। माओवादियों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक उदय मुदलियार की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। माओवादियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर उस समय हमला किया था जब वे ‘परिवर्तन रैली’ से लौट रहे थे। राहुल ने आदिवासियों के सशक्तीकरण और उनके अधिकारों को लेकर कांग्रेस की प्रतिबद्धता का बार-बार जिक्र किया और कहा, ‘‘यहां, जल, जंगल और जमीन आपके हैं।’’

 

यह आरोप लगाते हुए कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के गरीब लोगों से 6 लाख एकड़ जमीन छीन ली और इसे उद्योगपतियों को दे दिया, राहुल ने आदिवासियों से पूछा कि फैसले से पहले क्या उनकी अनुमति ली गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आदिवासियों से यह कहना चाहता हूं कि राज्य आपका है। भाजपा के लोग इसे छीन रहे हैं। कांग्रेस पार्टी यह सब आपको लौटा देगी। क्योंकि यहां का जंगल, जमीन और जल आपका है, तो यह आप पर निर्भर करता है कि उनकी देखभाल किसे करनी चाहिए।

 

यदि आप जमीन कुछ उद्योगपतियों को देना चाहते हैं, तो आप ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन यह आपका फैसला होगा।’’ कांग्रेस नेता ने संप्रग सरकार द्वारा पारित नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के बारे में भी चर्चा की और जनसमूह से कहा कि किसानों को अब बाजार दर के मुकाबले उनकी जमीनों का चार गुना अधिक मूल्य मिलेगा। राहुल ने कहा, ‘‘कांग्रेस कहती है कि गरीबों और भूखों को सशक्त बनाइए, तथा महिलाओं और युवाओं के हाथों में सत्ता दीजिए। हम आपको सत्ता देंगे।

 

जब तक गरीब लोगों को सत्ता नहीं दी जाती, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा। लेकिन भाजपा की प्रणाली के तहत वे कहते हैं कि समूची शक्ति मुख्यमंत्री के हाथों में रहनी चाहिए। हमारे और उनके बीच यह फर्क है।’ भाजपा नेताओं पर बड़ी-बड़ी बातें करने और सिर्फ भाषण झाडऩे का आरोप लगाते हुए राहुल ने याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव ने कुछ समय पहले राज्य के एक खास मंत्री के भ्रष्टाचार के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल छत्तीसगढ़ में हो सकता है। वे भ्रष्टाचार के चैम्पियन, विश्व चैम्पियन हैं।’’

 

संप्रग की अधिकार आधारित पहलों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस थी जो आरटीआई लेकर आई जो भ्रष्टाचार से लडऩे का सबसे मजबूत औजार है। उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार जैसी संप्रग की पहलों से बड़े पैमाने पर लोगों को लाभ हो रहा है।


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