विधायकों पर रासुका हटने से अखिलेश सरकार बेनकाब: वाजपेयी

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Friday, November 08, 2013-4:20 PM

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अपने दोनों विधायकों संगीत सोम और सुरेश राणा पर मुजफ्फरनगर हिंसा के मामले में लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) को अदालत द्वारा हटाए जाने का शुक्रवार को स्वागत किया और कहा कि अखिलेश सरकार का अहंकार और दुराग्रह अदालत के इस निर्णय से टूट गया है, और सरकार का झूठ बेनकाब हो गया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ  पीठ के एडवाइजरी बोर्ड ने दो बार की सुनवाई के बाद गुरुवार को दोनों विधायकों पर से रासुका हटाने का निर्णय लिया। अक्टूबर में दोनों विधायकों संगीत सोम एवं सुरेश राणा और मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा एवं इस दौरान जिले में आए तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (सुभाष चंद्र दुबे, प्रवीण कुमार, हरिनारायण सिंह) की दो बार एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष पेशी हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने रासुका के लिए जो आधार बनाए थे, उसके पक्ष में प्रमाणिक दस्तावेज वे बोर्ड को नहीं सौंप पाए। वाजपेयी ने संवाददाताओं से कहा कि एडवाइजरी बोर्ड के इस निर्णय से समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार का झूठ न्यायालय के द्वार पर बेनकाब हो गया है। इस निर्णय से मुजफ्फरनगर दंगे के मामले में हजारों बेकसूरों की न्याय की लड़ाई को धार मिलेगी। 

वाजपेयी ने कहा कि सपा सरकार मुजफ्फरनगर दंगे का पाप झेलने के लिए तैयार हो जाए। मेरठ की सरधना सीट से विधायक संगीत सोम पर विगत सात सितंबर को हुई मुजफ्फरनगर हिंसा मामले में आपत्तिजनक वीडियो साझा करने और भड़काऊ  भाषण देने तथा शामली की थानाभवन सीट से विधायक सुरेश राणा पर भड़काऊ  भाषण देने का आरोप है। दोनों पर इस मामले में मुकदमे भी दर्ज हैं। सोम और राणा करीब डेढ़ माह से जेल में हैं। रासुका हटने के बाद इनकी रिहाई का रास्ता साफ  हो गया है।


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