कलह खत्म करने के लिए अरुण जेटली को बुलाया

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Sunday, November 10, 2013-3:42 PM

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से टिकटों की घोषणा के  बाद मचे बवाल को शांत करने के लिए अब भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष  अरुण जेटली  को उतार दिया है। जिम्मेदारी मिलने के बाद तत्परता दिखाते हुए जेटली ने शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर न सिर्फ पूर्व महापौर सविता गुप्ता को पार्टी में फिर शामिल किया, बल्कि सारे विवादों को जल्द सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि टिकटों का निर्णय पार्टी नेतृत्व का सामूहिक फैसला है और 70 सीटों पर 1200 दावेदार होंगे तो इस तरह की नाराजगी स्वभाविक है। जेटली ने 2 टूक कह दिया कि पार्टी का निर्णय अंतिम है और अब इसमें बदलाव संभव नहीं है। जहां तक  विरोध की बात है तो पार्टी से जुड़े सभी नेताओं को जल्द ही मना लिया जाएगा।

टिकट बंटवारे को लेकर मचे हंगामे के बीच हुई जेतली की एंट्री के बाद पहले आम आदमी पार्टी में शामिल होने जा रहीं दक्षिणी दिल्ली की पूर्व महापौर सविता गुप्ता ने अपनी नाराजगी छोड़ दी है। सविता गुप्ता ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में कहा कि उन्हें टिकट बंटवारे को लेकर जो नाराजगी थी, उसे पार्टी हित में उन्होंने त्याग दिया है और पार्टी के आला नेताओं के कहने पर वे भाजपा के  लिए विधानसभा चुनाव में काम करेंगी।

शाम करीब साढ़े 4 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे अरुण जेतली ने कहा कि अक्सर ऐसे मौकों पर कुछ विरोध होते हैं और चूंकि  भाजपा एक  लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत काम करने वाली पार्टी है, इसलिए यहां सभी को अपनी बात करने का मौका मिलता है।  अरुण जेटली  ने हरिनगर सीट से 4 बार चुनाव जीते हरशरण सिंह बल्ली की नाराजगी पर कहा कि चूंकि मामला गठबंधन से जुड़ा है, इसलिए हमें बल्ली के खिलाफ निर्णय लेना पड़ा। पार्टी के नेता उनके संपर्क में हैं और उन्हें भी मना लिया जाएगा।

पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता को नई दिल्ली सीट पर भेजे जाने के  विषय में  अरुण जेटली ने कहा कि यह उनका फैसला था, पार्टी ने बकायदा इस बाबत गुप्ता से बात की और उनकी इच्छा को जानने के बाद ही उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई। जेटली के  प्रदेश कार्यालय में मौजूदगी के  दौरान प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता और कई अन्य प्रदेश पदाधिकारी मौजूद थे।


शहजादे नहीं पार्टी कार्यकर्ता हैं हमारे उम्मीदवार : प्रो.विजय कुमार मल्होत्रा के बेटे अजय मल्होत्रा, स्व. साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा और ओ.पी. बब्बर के बेटे राजीव बब्बर को टिकट दिए जाने के बाद से उन्हें दिल्ली भाजपा के  शहजादों के  तौर पर प्रचारित किए जाने पर अरुण जेतली ने कहा कि ये सभी शहजादे नहीं, बल्कि  पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि  राजीब बब्बर प्रदेश में प्रवक्ता हैं, प्रवेश वर्मा प्रदेश स्तर पर पार्टी में लगातार सक्रिय हैं और जहां तक बात अजय मल्होत्रा की है तो वे विधानसभा स्तर पर वर्षों से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि इन तीनों को चुनाव के लिए योग्य समझते हुए मैदान में उतारा गया है।

नहीं थमा असंतोष
आला नेता असंतोष खत्म करने तो उतर पड़े लेकिन विरोध का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अनिल डागर के  समर्थन में पार्टी के  लोग प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। इसी तरह शकूरबस्ती से श्यामलाल गर्ग को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ तीसरे दिन भी विरोध जारी रहा। राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से भी मंडल पदाधिकारी विजय गुप्तो भी पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार के खिलाफ प्रदेश कार्यालय पर अपनी नाराजगी व्यक्त करने पहुंचे। अंबेदकर नगर से भी पार्टी के कार्यकर्ता कुछ  खुशीराम के खिलाफ विरोध करते हुए पार्टी कार्यालय के बाहर हल्ला बोल प्रदर्शन किया।

शनिवार को क्षेत्रीय स्तर पर भी भाजपा उम्मीदवारों का विरोध देखने को मिला। इनमे लक्ष्मीनगर, गांधी नगर, शाहदरा विधानसभा के नाम प्रमुख थे। शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता रामनिवास गोयल ने प्रैसवार्ता आयोजित कर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गोयल ने कहा कि शाहदरा सीट को पार्टी के बड़े नेताओं ने गंठबंधनी पार्टी अकाली दल, बादल को दे दिया है। गोयल ने कहा कि अकाली दल इस सीट से जितेंद्र सिंह शंटी को विधानसभा का टिकट दे रही है जिसका हम खुलकर विरोध करते हैं क्योंकि हर बार शंटी पर ही मेहरबानी दिखाई जा रही है।


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