चुनावी मौसम में घाटों पर श्रद्धालुओं से पहले पहुंचे नेता

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Sunday, November 10, 2013-4:08 PM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी): विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वोट की महिमा नेताओं पर इस कदर हावी है कि जो नेता खोजे नहीं मिलते थे वहीं, नेता न सिर्फ यमुना किनारे, बल्कि हर उस जगह पर मिले, जहां भीड़ छठ की पूजा कर रही थी। भले ही छठ पूर्वांचल के लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्यौहार है लेकिन नेताओं की भावनाएं त्योहार से नहीं बल्कि त्यौहार मनाने वाले वोटरों के वोट से जुड़ी थी। शनिवार को छठ के समापन के मौके पर भी अधिकतर नेता छठ मना रहे सैलाब के बीच पहुंचे और न सिर्फ छठ मनाई, बल्कि छठ मनाने वालों के साथ शब्दों की बौछार भी कर गए।

यह सारी कवायद इसलिए रही कि दिसम्बर में होने वाले विधानसभा चुनावों में इन नेताओं को पूर्वांचलवासियों के वोट हासिल करना है। माना जाता है कि दिल्ली में पूर्वांचल के करीब 35 से 40 लाख लोग रहते हैं। इसी वोट का कमाल है कि अधिकतर विधायक वोटरों को रिझाने के लिए शुक्रवार की तरह शनिवार को भी छठ घाट पर पहुंच गए।

भले ही कइयों को छठ की महत्ता की जानकारी न हो लेकिन उन्होंने न सिर्फ छठ मनाई बल्कि पूर्वांचल के वोटरों से कई वादे भी कर डाले। मुकेश शर्मा, रमाकांत गोस्वामी व जयकिशन शर्मा समेत अधिकतर विधायकों को अपने बीच पाकर पुरबियों का उत्साह दोगुना हो गया। इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पूर्वांचलवासियों को साधने के लिए छठ मनाने संजय झील, लक्ष्मीबाई नगर, राजा बाजार गोल मार्कीट, कुदुसिया और आई.टी.ओ. स्थित छठ घाट पहुंची थीं।

पिछले कुछ सालों से कांग्रेस के विधायकों की नजर पूर्वांचल के वोटरों पर है। इस बार उनमें छठ को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साह था। वे शनिवार को तड़के 5 बजे खुद घाट गए और पूजा अर्चना में भी हिस्सा लिया। कांग्रेसी विधायक अपने-अपने इलाके के छठ घाटों पर पहुंचकर पुरबियों के इस पावन पर्व के समापन मौके पर पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। अपने इलाके के सभी छठ घाटों पर पहुंचने की इनमें होड़ रही।

उन्होंने न केवल घाटों पर होने वाले पूजा-अर्चना में भाग लिया बल्कि पूर्वांचल के लोगों से आशीर्वाद भी मांगा।  उन्होंने कहा कि जिस तरह सूर्य देवता की आराधना की जाती है उससे सभी के जीवन में नई प्रेरणा और उर्जा आती है तथा छठ के अवसर पर लोक गीतों के माध्यम से पूजा अर्चना से संस्कृति, भाषा व संगीत भी समृद्ध हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल भी करीब आधा दर्जन छठ घाटों पर पहुंचे और पुरबियों के त्यौहार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।          
 

Edited by:Jeta

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