भाजपा का हाल देख घबराए कांग्रेसी

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Sunday, November 10, 2013-4:24 PM

नई दिल्ली ( अशोक शर्मा ): दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में टिकट वितरण के बाद हो रहे घमासान से सबक लेते हुए कांग्रेस यू-टर्न लेते हुए एकदम बैकफुट पर आ गई है। अब कांग्रेस के नेताओं को भी यह डर सताने लगा है कि पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद उसका हाल भी भाजपा की तरह न हो जाए। हालात की नजाकत को भांपते हुए कांग्रेस एक तरीके से बुरी तरह से घबरा गई है और टिकट वितरण का मामला अगले कुछ दिनों के लिए टाल दिया है।

हालांकि पूर्व घोषणा के अनुसार कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शनिवार की प्रात: पार्टी हाईकमान श्रीमती सोनिया गांधी के आवास पर हुई। सूत्रों के अनुसार करीब अढ़ाई घंटे तक चली बैठक में 60 से अधिक उम्मीदवारों का चयन कर उनके नामों पर मुहर लगा दी गई। इनमें पार्टी के 2-3 विधायकों को छोड़कर अधिकांश के नाम शामिल हैं। यह भी संकेत मिला है कि जिन विधायकों को पुन: चुनाव मैदान में नहीं उतारा जाएगा, उनकी जगह पहले उनके परिवार के ही किसी सदस्य को उम्मीदवार बनाने के बारे में आपसी बातचीत की जाएगी। उसके बाद उनके विकल्प के बारे में सोचा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में स्क्रीङ्क्षनग कमेटी के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री नारायणसामी, पार्टी के दिल्ली प्रभारी डॉ. शकील अहमद, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल के अलावा अम्बिका सोनी आदि भी उपस्थित थे। ऐसी उम्मीद थी कि समिति की बैठक में पार्टी हाईकमान की मुहर लगने के बाद कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची दोपहर बाद जारी कर दी जाएगी। प्रदेश पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस बारे में दावा तक किया था लेकिन कोई भी नेता उम्मीदवारों के बारे में निर्णय लेने के बावजूद उनकी सूची जारी करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

पार्टी के नेताओं को अब यह डर सता रहा है कि टिकट की घोषणा के बाद जो स्थिति प्रदेश भाजपा की हो रही है, कहीं उससे भी खतरनाक स्थिति उन्हें न झेलनी पड़ जाए, इसीलिए प्रत्याशियों के बारे में निर्णय लेने के बावजूद इसकी घोषणा करने का मामला अगले मंगलवार तक टाल दिया गया है। प्रदेश पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हो सकता है कि विरोध को देखते हुए कुछ विधायकों के चुनाव क्षेत्र बदले जा सकते हैं, उसके बाद कार्यकत्र्ताओं का उत्तेजित होना स्वाभाविक होता है। कांग्रेस में तो 70 सीटों पर टिकट पाने के लिए करीब 1600 लोगों ने आवेदन किया था। कांग्रेस का परिवार बड़ा है और लगता है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात को समझते हुए ही फिलहाल उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करने का कार्यक्रम टाल दिया है।

नेता ने साथ ही यह भी कहा इसमें कोई बुराई भी नहीं है। कम से कम उस दौरान कार्यकत्र्ताओं द्वारा कोई बखेड़ा तो खड़ा नहीं किया जा सकेगा। अब यह भी हो सकता है कि नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त होने से मात्र एक या 2 दिन पहले कोई घोषणा की जाए लेकिन उम्मीदवारों को पहले संकेत कर दिया जाएगा ताकि नामांकन-पत्र दाखिल कराने सम्बंधी अपने सभी कागजात वह पूरी तरह से तैयार करवाकर रखें। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार वीरवार की रात मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने अलग-अलग समय पर जाकर संभावित उम्मीदवारों की सूची कांग्रेस स्क्रीङ्क्षनग कमेटी के अध्यक्ष नारायणसामी को सौंप दी थी।

Edited by:Jeta

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