सीबीआई ने तलवार दंपति को फंसाने के लिए सबूतों से की छेड़छाड़: बचाव पक्ष

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Tuesday, November 12, 2013-8:40 AM

गाजियाबाद: आरुषि तलवार हत्याकांड में बचाव पक्ष के वकील ने यहां सीबीआई अदालत से कहा कि मामले में जांच एजेंसी ने कुछ सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है, ताकि दंत चिकित्सक दंपति राजेश और नूपुर तलवार को फंसाया जा सके। इन सबूतों को जांच के दौरान जांच एजेंसी ने जब्त किया था। बचाव पक्ष के वकील तनवीर अहमद मीर ने अदालत से कहा कि सीबीआई ने हेमराज के कमरे से जब्त तकिये और उसके खोल और कृष्णा के कमरे से जब्त जामुनी रंग के तकिये के खोल के साथ छेड़छाड़ की है। 

मीर ने कहा, ‘‘सीबीआई ने इन दो सबूतों की तस्वीरें उच्चतम न्यायालय के समक्ष दायर की थीं लेकिन जब इन सबूतों को निचली अदालत में खोला गया तो उनपर वही स्टिकर नहीं थे जो उच्चतम न्यायालय के समक्ष दायर तस्वीरों में दिखे थे। यह इस बात का संकेत देता है कि इन सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई।’’ वकील ने कहा कि सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट्स एंड डायग्नोस्टिक्स (सीडीएफडी) ने पहले कहा कि हेमराज का डीएनए कृष्णा के कमरे से जब्त गुलाबी रंग के तकिये के खोल पर पाया गया लेकिन मार्च 2011 में उसने कहा कि यह रिपोर्ट में टाइपिंग में हुई गलती का नतीजा थी। सीडीएफडी ने हैदराबाद में 56 सबूतों की जांच की थी। 

बचाव पक्ष के वकील ने कहा, ‘‘इसे टाइपिंग की भूल नहीं कहा जा सकता। गलती अक्सर एक शब्द में होती है लेकिन यहां ‘एक गलती’ ने पूरे ब्योरे को बदल दिया जो संकेत देता है कि जांच एजेंसी दंत चिकित्सक दंपति को मामले में फंसाना चाहती है।’’ मीर ने यह भी आरोप लगाया कि गोल्फ की छड़ी और उसके बैग अलग से 30 अक्तूबर 2009 को तलवार दंपति के आवास से जब्त किए गए थे। उनके साथ भी छेड़छाड़ की गई है।

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