कांग्रेस की लिस्ट में शीला की छाप

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Tuesday, November 12, 2013-12:49 PM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा ): कांग्रेस ने कई दिनों की जद्दोजहद के बाद सोमवार को 56 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इसमें मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सहित उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को पुन: उम्मीदवार बनाया गया है। इसके साथ ही पार्टी के किसी भी विधायक का टिकट नहीं काटा गया है।

इस तरह पार्टी हाईकमान ने उम्मीदवारों के चयन में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की पसंद को पूरी तरजीह दी है। चर्चा थी कि पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश के बाद कुछ विधायकों का टिकट कट सकता है  लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जैसी उम्मीद की जा रही थी कि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी डॉ. हर्षवर्धन का मुकाबला कृष्णा नगर में उन्हीं के कभी राजदार रहे डॉ. वी.के. मोंगा से होगा, ऐसा ही हुआ।

कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में सात नए चेहरे उतारे हैं। वेलकम के पार्षद जाकिर खान को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके साथ ही 5 पूर्व विधायकों को भी प्रत्याशी बनाया है। पिछले दिनों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 13 विधायकों का खुलेआम विरोध किया था। माना जा रहा था कि उनका टिकट कट सकता है। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित शुरू से ही किसी भी विधायक का टिकट काटने का कड़ा विरोध कर रहीं थीं। आखिरकार उनका विरोध काम आया। कार्यकत्र्ताओं के कड़े विरोध के बावजूद ओखला से आसिफ मोहम्मद खान और नरेला सीट से जसवंत सिंह को मैदान में उतारा गया है।

कांग्रेस ने पहली सूची में बदरपुर सीट पर रामसिंह नेताजी को खड़ा कर दांव लगाया है, जो कुछ माह पहले ही बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए थे। पार्टी ने किराड़ी से प्रदेश अध्यक्ष अमित मलिक को प्रत्याशी बनाकर युवा शक्ति को आगे बढ़ाने का मौका दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र मुंडका से प्रदेश महासचिव डॉ. नरेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है।

5 वर्षों से सत्ता से दूर रहे पूर्व विधायक डॉ. एस.सी. वत्स को शकूरबस्ती से, मिर्जा जावेद अली को मटिया महल से और बहुचॢचत हरिनगर क्षेत्र से हरशरण बल्ली को नजरंदाज करते हुए पार्टी ने एक नए चेहरे सुरेन्द्र कुमार सेतिया को भाजपा के जगदीश मुखी के खिलाफ खड़ा किया है। पूर्व विधायक भीष्म शर्मा को घौंडा से, जाकिर खान को बाबरपुर से और पूर्व विधायक बलजोर सिंह को गोकुलपुर से उतारा है।

पहली सूची में शहजादों पर फैसला टला
काफी सोच-विचार के बाद कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपने 56 उम्मीदवारों की घोषणा तो कर दी लेकिन पार्टी नेताओं के शहजादों पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। इतना ही नहीं कई सीटों पर उन्हीं नेताओं को प्रत्याशी बनाया गया है, जिनका पार्टी कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे। इसका दूरगामी परिणाम क्या होगा, यह तो बाद में ही पता चलेगा, लेकिन इतना साफ हो गया है कि 43 में से 42 सीटों पर पार्टी के विधायकों को ही पुन: टिकट देकर पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री की राय को पूरा-पूरा महत्व दिया है। माना जा रहा है कि अब कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जल्द ही जारी करेगी।

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि पश्चिमी दिल्ली के सांसद महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा को द्वारका से प्रत्याशी बनाया जाएगा। अपने पिता का आशीर्वाद पाकर विनय ने पिछले कुछ दिनों से चुनाव प्रचार शुरू कर रखा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची में फिलहाल द्वारका सीट से प्रत्याशी बनाने का फैसला रोक लिया गया है।

इसी तरह से यह भी चर्चा थी कि पूर्व सांसद सज्जन कुमार के पुत्र जगप्रवेश को संगम विहार या अन्य किसी क्षेत्र से खड़ा करने का मामला भी नहीं लिया गया है।  हालांकि शीला मंत्रिमंडल के दो सदस्यों किरन वालिया और रमाकांत गोस्वामी को टिकट दिये जाने के मामले में पार्टी के कार्यकर्ताओं और जिला पदाधिकारियों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा था। लेकिन मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं के विरोध को नजरंदाज करते हुए अपने दोनों मंत्रियों पर फिर से भरोसा जताया है।

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों और विधायकों को फिर से टिकट दिलाने के लिए कई बार जाकर पार्टी हाईकमान तक से पैरवी की थी और आखिरकार उन्हें सफलता मिली।  कांग्रेस ने अपने विधायकों पर इसलिए भी भरोसा किया है क्योंकि कई निगम पार्षद टिकट पाने की लाइन में लगे हुए थे। पार्टी के नेताओं को डर था कि यदि पिछले चुनाव की तरह ही इस बार भी अगर ज्यादा नये चेहरों को तवज्जो दी गई तो उसके नतीजे चुनाव में पार्टी के खिलाफ जा सकते हैं।

खास बात यह है कि हरि नगर सीट से कांग्रेस ने सुरेन्द्र कुमार सेतिया पर भरोसा जताया है। सेतिया ने गत निगम चुनाव में सुभाष नगर से चुनाव लड़ा था और वह  भाजपा के सुभाष आर्य से करीब 1200 मतों से पराजित हो गये थे। इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्या सोचकर सेतिया को पुन: प्रत्याशी बनाया है, इसका पता बाद में ही लगेगा। लेकिन पार्टी ने एक ही निगम पार्षद वेलकम के जाकिर खान को टिकट देकर उनपर भरोसा जताया है।

Edited by:Jeta

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