आंध्र प्रदेश के मंत्रियों में तेलंगाना को लेकर तीखा मतभेद

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Tuesday, November 12, 2013-11:36 PM

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के मंत्रिमंडल में आज तीखा मतभेद उस समय सामने आया जब मंत्रियों के एक दल ने तेलंगाना पर मंत्रियों के समूह से मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री ने तेलंगाना के समर्थन में पूर्व में किए गए फैसले का समर्थन किया जबकि उनके सहयोगियों ने राज्य को विभाजित करने के बारे में पुनर्विचार करने को कहा।

जीओएम से मुलाकात करने वाले आंध्र प्रदेश कांग्रेस के तीन सदस्यीय शिष्टमंडल में उप मुख्यमंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा, पर्यटन मंत्री वी वसंत कुमार एवं प्राथमिक शिक्षा मंत्री शैलजा नाथ शामिल थे। नरसिम्हा ने जहां मांग की कि संसद के आगामी सत्र में तेलंगाना के बारे में विधेयक लाया जाए, वही सीमांध्र क्षेत्र के मंत्रियों ने जीओएम से आंध प्रदेश को विभाजित करने के उसके फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया।

वसंत कुमार ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने जीओएम से कहा कि आप अपने निर्णय की समीक्षा क्यों नहीं करते और अपने कदम को वापस क्यों नहीं लेते। सारे विवादास्पद मुद्दे उभरने शुरू हो गए हैं और दिन प्रति-दिन बढ़ रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि जीओएम भ्रम की स्थिति में है क्योंकि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या चल रहा है।

बहरहाल, नरसिम्हा ने कहा कि जीओएम से अनुरोध किया गया कि वह पांच दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में तेलंगाना विधेयक को पेश करने की प्रक्रिया को तेज करे। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना एक वास्तविकता है तथा वे कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय का स्वागत करते हैं।

इस बीच, टीआरएस ने जीओएम को सूचित किया कि कानून एवं व्यवस्था के नाम पर राज्य प्रशासन का हस्तक्षेप सहन नहीं किया जायेगा। टीआरएस प्रमुख के चन्द्रशेखर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तेलंगाना के साथ केन्द्र राज्य के रिश्ते वैसे ही होने चाहिएं जैसे देश के 28 अन्य राज्यों से हैं। कानून एवं व्यवस्था के नाम पर प्रशासन से छेड़छाड़ समाज एवं हमारी पार्टी द्वारा सहन नहीं किया जायेगा।’’


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