यूपी में 18 लाख राज्यकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

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Wednesday, November 13, 2013-2:27 PM

लखनऊ: वेतन विसंगतियां दूर करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के करीब 18 लाख राज्यकर्मचारियों द्वारा शुरू की गई बेमियादी हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ के संयुक्त संगठन राज्य कर्मचारी अधिकार मंच द्वारा आहूत इस हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। कल पहले दिन हड़ताल का मिलाजुला असर रहा था। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने ‘भाषा’ से बातचीत में कहा कि सरकार ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों की समस्याओं को सुलझाने के लिखित समझौतों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा वेतन विसंगतियां दूर नहीं की गई। पदोन्नतियां और पदोन्नति वेतनमान नहीं दिया गया। साथ ही पेंशन बहाली भी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि राज्य के करीब 18 लाख कर्मचारी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल कर रहे हैं। इसमें करीब 250 छोटे-बड़े कर्मचारी संगठन शामिल हैं। आज स्टेनोग्राफर्स एसोसिएशन और सीएमओ कार्यालय के मिनिस्ट्रियल स्टाफ ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।

उन्होंने बताया कि हड़ताल के कारण राजधानी लखनउ के जवाहर भवन, इन्दिरा भवन, स्वास्थ्य निदेशालय तथा निबंधन कार्यालयों समेत पूरे प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के दफ्तरों के साथ-साथ सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य, व्यापार कर तथा तहसील कर्मियों के दफ्तरों में कर्मियों ने कामकाज नहीं किया। तिवारी ने बताया कि हड़ताल खत्म कराने के लिये आज भी सरकार की तरफ से बातचीत की कोई पेशकश नहीं की गई। तिवारी ने बताया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो अब तक हड़ताल के दायरे से बाहर रहीं रोडवेज, विद्युत तथा स्वास्थ्य विभाग की कुछ सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं के कर्मी भी 15 नवम्बर के बाद हड़ताल में शामिल हो जाएंगे।

ज्ञातव्य है कि राज्य कर्मचारी अधिकार मंच ने पदोन्नति, पेंशन और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी तथा विभिन्न विभागों के वेतन भत्तों में गैर बराबरी दूर करने की मांग को लेकर सरकार से कई दौर की वार्ता विफल हो जाने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी। प्रदेश मे करीब 18 लाख राज्य कर्मचारी हैं जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत कर्मी हड़ताल की घोषणा करने वाले राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के तहत आने वाले दो कर्मचारी संघों राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ से जुड़े बताये जाते हैं।


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