सिगरेट के पैसे मांगने पर की हत्या

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Wednesday, November 13, 2013-3:35 PM

नई दिल्ली (कुमार गजेंद्र /निहाल सिंह): उत्तरी-पूर्वी जिला के खजूरी इलाके में बीते 6 नवम्बर को कुछ बदमाशों ने सिगरेट के पैसे मांगने पर एक ही परिवार के 4 लोगों को चाकुओं से गोद डाला था। इस हमले में घायल हुए एक युवक साबिर अली की मौत हो गई। 3 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

पुलिस के मुताबिक मोबिना बेगम (63) अपने परिवार के साथ खजूरी इलाके में रहती हैं। वह घर के अंदर ही परचून की दुकान चलाती हैं। बताया जाता है कि 6 नवम्बर शाम 7 बजे के आस-पास उनकी दुकान पर इलाके के ही 5-6 युवक आए। इनमें से एक मुस्ताक ने मोबिना को सिगरेट देने को कहा। सिगरेट लेने के बाद मुस्ताक ने मोबिना से ही माचिश मांगी और सिगरेट जलाने के बाद चल दिए।

मोबिना ने जब उससे सिगरेट के पैसे मांगे तो, उसने उन्हें गाली देते हुए, पैसे देने से इंकार कर दिया। यह देख घर में मौजूद सलीम से इनकी कहा सुनी हो गई। इसके बाद मुस्ताक ने चाकू निकालकर सलीम पर कई वार कर दिए। भाई से झगड़ा होता देख अंदर बैठा गुड्डू भी आ गया, इसके बाद बदमाशों ने उस पर भी चाकूओं से वार कर दिए।

मुस्ताक के बाकी साथियों ने असगर मुर्गे वाले और नवाब गोश्त वाले की दुकान से भी मीट काटने के चाकू उठा लिए। झगड़े की बात सुनकर बराबर में ही मौजूद चप्पल कारखाने में काम करने वाला साबिर भी मौके पर आ गया। बदमाशों ने साबिर को भी चाकूओं से गोद डाला। तभी वहां इनका एक और भाई जाकिर पहुंच गया। बदमाशों ने इसे भी चाकुओं से गोद डाला।

पुलिस के मुताबिक जाकिर को 5 स्थानों पेट, जांघ, कोहनी और हाथ पर चाकू लगे। गुड्डू को 3 स्थानों कमर, कूल्हे और टांग, सलीम को पेट, सीने और जांघ पर चाकू लगे, इसके अलावा साबिर को 3 चाकू लगे थे। पुलिस ने सभी घायलों को पहले जग प्रवेश चंद्र फिर जी.टी.बी. अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सभी घायलों का इलाज चल रहा था। मंगलवार को इनमें से एक साबिर की मौत हो गई। पुलिस ने मस्ताक और नौशाद को गिरफ्तार कर लिया है।


हाल ही में छूट कर आया था जेल से

खजूरी इलाके में एक परिवार पर जानलेवा हमला और एक युवक की हत्या का मुख्य आरोपी मुस्ताक 15 दिन पहले ही तिहाड़ जेल से छूटकर आया था। उसने इलाके के ही एक अन्य युवक का मामूली बात पर सिर फोड़ दिया था। जिसके सिर में 30 टांके आए थे। सूत्रों की मानें तो मुस्ताक इलाके का कुख्यात बदमाश है और उस पर करीब आधा दर्जन मामले चल रहे हैं। इलाके में भी उसका खास रौब चलता है। बताया जाता है कि पुलिस के बीट वालों की भी उस पर विशेष कृपा रहती है। वारदात वाले दिन भी वह अपने साथियों के साथ मोबिना की दुकान पर रौब गांठने ही आया था।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि पुलिस ने भी इस मामले में बदमाशों से पूरी दोस्ती निभाई है। जिस परिवार पर बदमाशों ने चाकुओं से हमला किया, पुलिस ने उसी परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए मोबिना के ही दो बेटों को जेल भी भेज दिया। जबकि वह दोनों लड़की भी वारदात में घायल हो गए थे।

बताया जाता है कि यह मामला जबरन वसूली का बनता है, लेकिन पुलिस बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज ही नहीं करना चाह रही थी। इलाके के लोगों के भारी दवाब में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर डाला। मंगलवार को साबिर की मौत हो जाने के बाद पूरे इलाके में पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ रोष है।

वारदात के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई थी। लोगों ने ही 2 बदमाशों मस्ताक और नौशाद को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था। इनके कब्जे से पुलिस ने उस वक्त वारदात में इस्तेमाल मीट काटने वाले चाकू और उस्तरा बरामद किया था, लेकिन पुलिस ने इन हथियारों की बरामदगी तक नहीं दिखाई है।


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