नवजात शिशु मृत्यु दर को लेकर रमेश का मोदी पर हमला

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Wednesday, November 13, 2013-7:17 PM

नई दिल्ली: गुजरात में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर ज्यादा होने को लेकर नरेन्द्र मोदी आज आलोचनाओं के घेरे में आ गए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि पिछले दस वर्षों में इस पर लगाम लगाने का राज्य सरकार का प्रयास काफी खराब रहा है।

प्रतिष्ठित चिकित्सा पत्रिका लैंसेट में प्रकाशित हाल के अध्ययन का जिक्र करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर की जिलेवार व्याख्या से पता चलता है कि गुजरात का एक भी जिला उन शीर्ष 50 जिले की श्रेणी में शामिल नहीं है जहां पिछले दस वर्षों में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में तेजी से कमी आई हो।

रमेश ने कहा कि इसके विपरीत जिन 50 जिलों में सबसे धीमी गति से नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी आई है उनमें गुजरात के छह जिले वलसाड, पंचमहल, साबरकांठा, दाहोद, अमरेली और वडोदरा शामिल हैं। रमेश को आगामी लोकसभा चुनावों में सहयोग और समन्वय के लिए हाल में गठित कांग्रेस ‘विशेष समूह’ का संयोजक बनाया गया है।

लांसेट अध्ययन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन 50 जिलों में से 15 तमिलनाडु के, केरल तथा जम्मू.-कश्मीर के दस-दस, पश्चिम बंगाल के तीन और हिमाचल प्रदेश के दो जिले शामिल हैं। मोदी के गुजरात विकास मॉडल पर प्रहार करते हुए रमेश ने कहा, ‘‘गुजरात में 26 जिले हैं। 26 जिलों में से छह जिले सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों की सूची में शामिल हैं।

यह स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, सरकार (मोदी) की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।’’ उन्होंने कहा कि 2001 से 2012 के बीच महाराष्ट्र में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर प्रति एक हजार में 62 से कम होकर 33 रह गई है, कर्नाटक में 73 से कम होकर 43, तमिलनाडु में 78 से 27, आंध्रप्रदेश में 70 से 47, पश्चिम बंगाल में 96 से 40 और गुजरात में 73 से कम होकर 52 रह गयी है।

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