मोदी की देखादेखी वर्चुअल हुए डॉ. हर्षवर्धन

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Thursday, November 14, 2013-11:42 AM

नई  दिल्ली (धनंजय कुमार): विधानसभा चुनाव के नजदीक आते समय के साथ भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के रंग में रंगते नजर आ रहे हैं। पहले गुजरात के तर्ज पर 3डी रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया जिसके जरिए मोदी व हर्षवर्धन दिल्ली की जनता को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। अब उन्होंने मोदी की तर्ज पर सोशल मीडिया से भी जुडऩा शुरू कर दिया है।

बुधवार को वो पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से सोशल मीडिया के जरिए कार्यकर्ताओं व दिल्ली की जनता से रू-ब-रू हुए, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को उनकी यह आधुनिक तकनीक हजम नहीं हुई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतनी छोटी सी दिल्ली में भी डॉ. हर्षवर्धन लोगों से मिलने के बजाय सोशल मीडिया व वर्चुअल लाइव के जरिए अपना संदेश पहुंचाते हैं।

कार्यकर्ताओं के गले तो उनका पार्टी मुख्यालय प्रेम भी नहीं उतर रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम उनसे मिलने तथा चुनावी रणनीतियों पर बातचीत करने के लिए प्रदेश कार्यालय आते हैं लेकिन डॉ. हर्षवर्धन अपना अधिकांश समय पार्टी मुख्यालय में ही बिताते हैं। बड़ी बात तो यह है कि उनके ज्यादातर कार्यक्रम भी वहीं आयोजित किए जाते हैं जिससे कार्यकर्ता परेशान हैं।

चरित्र का प्रमाण-पत्र कांग्रेस से लेने की जरूरत नहीं

दिल्ली सरकार के मंत्री द्वारा भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदार डा. हर्षवर्धन पर नौकरानी के साथ बलात्कार का आरोप होने के मुद्दा गरमा गया है। बुधवार को डॉ. हर्षवर्धन ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित अगर चाहें तो वे महंगाई, भ्रष्टाचार को छोड़कर महिला सुरक्षा पर ही दिल्ली से लेकर केंद्र तक का  चुनाव लडऩे की चुनौती देते हैं।

हर्षवर्धन ने कहा कि 2 दिन पहले कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त के पास पोलियो को लेकर हमारी शिकायत की है और मैं फिर कहता हूं कि पोलियो अभियान और उसकी रूप रेखा मेरी थी। कांग्रेस नेता चाहें तो इसकी पुष्टि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ए आर अंतुले से कर सकते हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा इस मामले पर उन पर तमाम तरह के आरोप लगाए जाने पर कहा कि हमें अपने चरित्र की प्रमाण-पत्र कांग्रेस से लेने की आवश्कता नहीं है।

उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच राजनीति की नूरा-कुश्ती होती रहती है लेकिन कांग्रेस हार निश्चय देखकर मुख्यमंत्री के मौजदुगी में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक गिर सकती है यह वे सोच भी नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत जीवन में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की बहुत इज्जत करते थे लेकिन उनकी मौजुदगी में उनके मंत्रियों ने व्यक्तिगत झुठे आरोप लगाए इससे उन्हें बहुत दुख पंहुचा है इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस वोट के लिए किस हद तक नीचा गिर सकती है।


 


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