सरकार और हड़ताली राज्यकर्मियों के बीच गतिरोध बरकरार

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Thursday, November 14, 2013-1:06 PM

लखनऊ: वेतन विसंगतियां दूर करने तथा पदोन्नति समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के आहवान पर हड़ताल कर रहे उत्तर प्रदेश के राज्यकर्मियों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है और यह आंदोलन आज तीसरे दिन भी जारी है। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के नेता हरिकिशोर तिवारी ने यहां ‘भाषा’ को बताया कि हड़ताल की वजह से पैदा गतिरोध को दूर करने के लिये प्रमुख सचिव (कार्मिक) राजीव कुमार तथा कर्मचारी नेताओं के बीच कल शाम बातचीत के बाद उम्मीद थी कि उन्हें देर रात वार्ता के लिये बुलाया जाएगा और कोई हल निकलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, नतीजतन हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी है।

तिवारी ने बताया कि इस वक्त करीब 16 लाख राज्यकर्मी हड़ताल पर हैं और अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो 15 नवम्बर के बाद रोडवेज, विद्युत तथा हड़ताल से मुक्त रखी गई स्वास्थ्य विभाग की कुछ सेवाओं के कर्मी भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। गौरतलब है कि हड़ताल खत्म कराने के मकसद से कल शाम कर्मचारी नेताओं और प्रमुख सचिव (कार्मिक) राजीव कुमार के बीच बातचीत हुई थी। कुमार ने कई बिंदुओं पर सहमति भी जताई थी और उन पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से बातचीत की बात भी कही थी। माना जा रहा था कि कर्मचारी नेताओं को देर रात फिर से बातचीत के लिये बुलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

तिवारी का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन पर हड़ताल वापस लेने का कोई सवाल नहीं है। आदेश मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी। तिवारी ने कहा कि राज्य के करीब 18 लाख कर्मचारी 15 सूत्री मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल कर रहे हैं। इसमें करीब 250 छोटे-बड़े कर्मचारी संगठन शामिल हैं। ज्ञातव्य है कि राज्य कर्मचारी अधिकार मंच ने पदोन्नति, पेंशन और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी तथा विभिन्न विभागों के वेतन भत्तों में गैर बराबरी दूर करने की मांग को लेकर सरकार से कई चक्र की वार्ता विफल हो जाने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी। प्रदेश मे करीब 18 लाख राज्य कर्मचारी हैं जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत कर्मी हड़ताल की घोषणा करने वाले राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के तहत आने वाले दो कर्मचारी संघों राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ से जुड़े बताये जाते हैं।
 


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