रोजगार उपलब्ध कराने में लघु एवं मझोली इकाइयों का बड़ा योगदान: प्रणब

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Thursday, November 14, 2013-4:22 PM

नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि लघु एवं मझोले उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनका रोजगार के अवसर बढ़ाने में बड़ा योगदान है।

प्रणब ने यहां 33वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह मेला लघु एवं मझोली इकाइयों सहित विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच है।

राष्ट्रपति ने देश की युवा आबादी को रोजगार के शिक्षण प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था पर बल देते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक देश की करीब 50 प्रतिशत आबादी कामकाजी आयु में पहुंच जाएगी।  यह आबादी दुनिया में किसी एक देश में मौजूद सबसे बड़ा कार्यबल होगा। इस कार्यबल को रोजगार के योग्य कुशल बनाने का बड़ा लक्ष्य हमारे सामने है, इसे हमें ध्यान में रखना होगा।

उन्होंने कहा कि देश दुनिया की व्यापारिक गतिविधियों की झलक दिखाने वाला यह व्यापार मेला हर साल देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्मदिन पर शुरू होता है। नेहरु ने भारत को उपनिवेशवाद की छाया से निकालकर एक आधुनिक, गतिशील और उन्नत राष्ट्र बनाने का सपना देखा था। आज भारत क्रयशक्ति समानता के आधार पर दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

33वें आईआईटीएफ में जापान पहली बार भागीदार देश के रूप में भाग ले रहा है। बिहार भागीदार राज्य है जबकि दक्षिण अफ्रीका लगातार दूसरे वर्ष फोकस देश के तौर पर इस मेले में शिरकत कर रहा है। भागीदार राज्य ओडिशा को बनाया गया है। मेले में देश विदेशी की 6,000 से अधिक इकाइयां भाग ले रही हैं।


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