जी.टी.बी. अस्पताल में हर तीसरे दिन एक बच्चे की मौत

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Thursday, November 14, 2013-8:38 PM

नई दिल्ली,(निहाल सिंह): दिल्ली के एक अस्पताल में हर तीसरे दिन एक बच्चा दम तोड़ देता है।  हैरानी की बात तो यह है कि बच्चों के दम तोडऩे का सिलसिला घटने की बजाये बढ़ता जा रहा हैं।

अधिकांश मौते किसी समान्य कारण से नहीं बल्कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हो रही हैं। मौत के आंकड़े चौकाने वाले है। अस्पताल के अत्याधिक चिकित्सीय सुविधाओं से लैस लैबर रुम  में बच्चों की मौत हो रही हैं। अस्पताल की इस लापरवाही पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य मत्रालय को तलब कर मामले पर सफाई मांगी है।

क्या है मामला: 
मामला पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जी.टी.बी.) का है। इस अस्पताल के लैबर रुम में हर तीसरे दिन एक बच्चा दम तोड़ देता है। अस्पताल के लैबर रुम  में लगातार मौते होती जा रही है।

वहीं समाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह मौते अस्पताल की लापरवाही की वजह से हो रही है। अस्पताल के आई.सी.यू. में हो रही मौत तमाम की पोल खोल रही हैं। आर.टी.आई. से हुआ खुलासा: अस्पताल के लैबर रूम में हो रही नवजात बच्चों की मौत का खुलासा सूचना के अधिकार से मिली जानकारी से हुआ है।

आर.टी.आई कार्यकर्ता नरेन्द्र शर्मा ने अस्पताल के लैबर रुम में कितने बच्चे पैदा हुए और कितने मृत हो गए जैसे सवाल पूछे थे। जिसके जवाब में अस्पताल ने कहा है कि वर्ष 2007 से लेकर वर्ष 2012 तक  5541 नवजात बच्चों की मौत हो गयी है और इसमें 677 गर्भवती महिलाओं ने भी प्रसव के दौरान दम तोड़ दिया है।


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