नामांकन पत्र दाखिल के वक्त लहराते रहे झंडे, लगते रहे नारे

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Friday, November 15, 2013-12:07 AM

नई दिल्ली,( ताहिर सिद्दीकी): इंडिया गेट और यू.पी.एस.सी. भवन के समीप बने जामनगर हाऊस के बाहर वीरवार को मेले जैसा माहौल रहा। रह-रहकर नारे लगाती भीड़ पहुंचती, झंडे लहराए जाते और उसके बाद उम्मीदवार नारों के बीच जामनगर हाऊस में निर्वाचन अधिकारी के कमरे में नामांकन पत्र दाखिल करके बाहर निकलता।

बाहर निकलते ही फिर नारे लगते और उम्मीदवार समर्थकों समेत रवाना हो जाता। यह सिलसिला सुबह 10.30 बजे से दोपहर बाद तक चलता रहा। इसी तरह मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और भाजपा के दिग्गज विजेंद्र गुप्ता समेत करीब आधा दर्जन उम्मीदवारों ने जामनगर हाऊस में औपचारिक तौर पर मैदान में उतरने का ऐलान किया।

हालांकि जामनगर हाऊस के बाहर गाडिय़ों की भीड़ का आना सुबह 10.30 बजे से शुरू हो गया था लेकिन करीब 1.10 बजे मुख्यमंत्री शाीला दीक्षित का काफिला वहां पहुंचा तो एकाएक माहौल गरमा गया। एक तरफ कांग्रेस जिंदाबाद और दूसरी तरफ भाजपा जिंदाबाद के नारे गंूजने लगे। मुख्यमंत्री के आने के समय भी कुछ भाजपा समर्थक डटे रहे तथा वे भाजपा के समर्थन में नारे लगा रहे थे।

 पुलिस को भी भीड़ का अंदेशा था। इसी वजह से सुबह से ही जामनगर हाउस में मुख्य गेट के अलावा पिछली ओर भी बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था। बड़ी मुश्किल से अपना परिचय देने के बाद इन नेताओं की इंट्री हो पाई।

मुख्यमंत्री से पहले नई दिल्ली से भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता अपना पर्चा भरने पहुंचे। गुप्ता जब अपना नामांकन दाखिल कर रहे थे तो उस दौरान मुख्य गेट पर जमे भाजपा समर्थकों ने जमकर शीला सरकार के विरोध में नारे लगाए। इसके बाद तय समय से करीब 40 मिनट देर से पहुंची मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का काफिला पहुंचा।

 मुख्यमंत्री के साथ उनके बेटे सांसद संदीप दीक्षित, बेटी लतिका व अन्य नेता भी थे। मुख्य गेट के बाहर पार्टी का झंडा लहरा रहे और नारेबाजी कर रहे कार्यकत्र्ताओं के पास पहुंच कर मुख्यमंत्री ने हाथों से विजय का चिन्ह बनाते हुए उनका हौसला बढ़ाया।


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