चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा जातीय समीकरण

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Friday, November 15, 2013-12:25 AM

नई दिल्ली: राजधानी में भी जातीय समीकरण चुनाव में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, कुल 70 विधानसभा क्षेत्रों वाली दिल्ली के करीब 25 ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं जहां मतदाता अपनी जाति वाले प्रत्याशी को ही प्राथमिकता देते हैं।

दिल्ली के बाहरी तथा ग्रामीण इलाकों के विधानसभा क्षेत्रों में हाल यह है कि प्रत्याशी का चुनाव सामूहिक रूप से पंचायत में होता है। यही वजह है कि इन विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक पाॢटयां भी जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर ही प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारती है।

इस बार के विधानसभा चुनाव में भी यही होने जा रहा है। चाहे वह बदरपुर विधानसभा हो या नजफगढ़ या विजवासन विधानसभा क्षेत्र।

दिल्ली में मतदाताओं की संख्या:
मतदाताओं की संख्या -               1,14, 88,752
पुरुष मतदाताओं की संख्या -       63 लाख, 68 हजार 694
महिला मतदाताओं की संख्या-     51 लाख, 19 हजार, 752
युवा मतदाताओं का प्रतिशत -      3.04 प्रतिशत

दिल्ली में गांव तथा वहां की जातिगत स्थिति:
दिल्ली के बाहरी एवं ग्रामीण इलाकों के करीब 25 विधानसभा क्षेत्रों में जातिगत समीकरण निर्णायक स्थिति में हंै।
दिल्ली में गांवों की कुल संख्या     365
जाट बहुल गांव की संख्या            225
गुर्जर बहुल गांव की संख्या           71
यादव बहुल गांव की संख्या           50


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