मोदी-मनमोहन की तुलना पर एडवायजरी के खिलाफ जनहित याचिका

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Friday, November 15, 2013-8:29 AM

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषणों को तुलनात्मक रूप से पेश करने पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा समाचार चौनलों को लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी भरी एडवायजरी जारी करने को मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने वाला कदम बताते हुए इसके खिलाफ  गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की।

लखनऊ  निवासी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ  खंडपीठ में दायर जनहित याचिका में कहा कि सूचना प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट 1995 की धारा 20 के अंतर्गत समाचार चौनलों को उनका लाइसेंस निरस्त करने की 21 अक्टूबर 2013 की एडवाइजरी मात्र इसलिए जारी की क्योंकि इन चौनलों ने स्वतंत्रता दिवस पर दोनों नेताओं (मोदी और मनमोहन) के भाषणों को तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत कर दिया था जो सरकार को अनुचित और बुरा लग गया।

ठाकुर ने याचिका में मात्र एक राजनीतिक नेता की प्रधानमंत्री से तुलना करने पर जारी इस एडवाइजरी को सरकार द्वारा मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने वाला तानाशाही कदम बताते हुए जनहित में इसे निरस्त किए जाने की मांग की है।


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