राज्यकर्मियों की हड़ताल जारी: सरकार ने नहीं की बातचीत की कोशिश

  • राज्यकर्मियों की हड़ताल जारी: सरकार ने नहीं की बातचीत की कोशिश
You Are HereNational
Saturday, November 16, 2013-1:53 PM

लखनऊ: वेतन विसंगतियां दूर करने समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर जारी उत्तर प्रदेश के राज्यकर्मियों की हड़ताल राज्य सरकार द्वारा बातचीत की कोई पहल न किये जाने के कारण आज पांचवें दिन भी जारी रही। करीब 16 लाख कर्मचारियों की इस हड़ताल का नेतृत्व कर रहे संगठन राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के नेता हरिकिशोर तिवारी ने यहां ‘भाषा’ को बताया कि गतिरोध खत्म करने के लिये सरकार की तरफ से कोई ताजा पहल नहीं हुई है, नतीजतन हड़ताल पांचवें दिन भी जारी है। गौरतलब है कि हड़ताल खत्म कराने की पहल के तहत गत 13 नवम्बर को मंच के नेताओं तथा प्रमुख सचिव (कार्मिक) राजीव कुमार के बीच बैठक हुई थी।

कुमार ने कई बिंदुओं पर सहमति जताते हुए उन पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से बातचीत करने को कहा था। उसके बाद से सरकार और राज्यकर्मियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। इस हड़ताल से आने वाले समय में स्थितियां और खराब होने की आशंका उत्पन्न हो गयी है। कर्मियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को क्रमिक ढंग से बाधित करने का निर्णय लिया है। कर्मचारी अधिकार मंच के नेताओं की कल हुई बैठक में आगामी 18 नवम्बर से स्वास्थ्य सेवाओं के कर्मियों के भी क्रमबद्ध तरीके से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। तिवारी ने बताया कि आगामी 18 तारीख से स्वास्थ्य विभाग की आप्टोमेटिक्स शाखा के कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अगर कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गयीं तो 19 नवम्बर से अस्पतालों में पर्चा बनाने वाले लिपिक तथा स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके अलावा 20 तारीख से लैब टेक्नीशियन विभाग की आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मी तथा फिजियोथेरेपिस्ट हड़ताल शुरू कर देंगे। साथ ही अस्पताल की परिचारिकाएं (नर्स) आगामी 20 तारीख से एक शिफ्ट में काम करेंगी। तिवारी ने बताया कि फिलहाल राज्य सड़क परिवहन निगम की बस सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है।

उन्होंने बताया कि राज्यकर्मी अपनी मांगों को लेकर क्रमिक रणनीति बनाने के लिये आगामी 18 नवम्बर को लखनउ स्थित जवाहर भवन में, 19 को विकास भवन, 20 को शिक्षा भवन निशातगंज में और 21 को स्वास्थ्य भवन और 22 को वाणिज्य कर मुख्यालय पर बैठक करेंगे। तिवारी ने बताया कि बैठक में हर जिला मुख्यालय पर आगामी 20 नवम्बर को एक बड़ी रैली निकालने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वार्ता का कोई संकेत नहीं दिया है और लिखित निर्णय नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राज्य के करीब 16 लाख कर्मचारी 15 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। इसमें करीब 250 छोटे-बड़े कर्मचारी संगठन शामिल हैं।

 ज्ञातव्य है कि राज्य कर्मचारी अधिकार मंच ने पदोन्न्ति, पेंशन और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी तथा विभिन्न विभागों के वेतन भत्तों में गैर बराबरी दूर करने की मांग को लेकर सरकार से कई चक्र की वार्ता विफल हो जाने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी। प्रदेश मे करीब 18 लाख राज्य कर्मचारी हैं जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत कर्मी हड़ताल की घोषणा करने वाले राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के तहत आने वाले दो कर्मचारी संघों राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य कर्मचारी महासंघ से जुड़े बताये जाते हैं।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You