सीलमपुर में कांग्रेस को बसपा से कड़ी चुनौती

  • सीलमपुर में कांग्रेस को बसपा से कड़ी चुनौती
You Are HereNational
Saturday, November 16, 2013-3:01 PM

नई दिल्ली : दो दशक बाद सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीति करवट लेती दिख रही है। वजह है कि यहां से कांग्रेस के कद्दावर विधायक चौधरी मतीन अहमद के करीबी रहे अब्दुल रहमान मलिक इस बार उनके खिलाफ   बसपा से ताल ठोक रहे हैं।

सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र में बीते 20 साल से कांग्रेस के विधायक चौधरी मतीन अहमद का झंडा लहरा रहा है, लेकिन इस बार राजनीतिक परिस्थितियां थोड़ी बदलती हुई दिख रही है। इसके 2 महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। पहला चौधरी मतीन अहमद का 2003 के विधानसभा चुनाव की अपेक्षा 2008 में मतों का ग्राफ  करीब 8 फीसदी गिरा था, जबकि 1993 से 2003 तक यानी 3 विधानसभा चुनावों में उनके मतों का ग्राफ  लगातार बढ़ा है।

दूसरे, उनके करीबी अब्दुल रहमान मलिक इस बार बसपा से उम्मीदवार हैं। यहां यह भी बताना जरूरी है कि अब्दुल रहमान मलिक की पत्नी असमा बेगम रहमान चौहान बांगर वार्ड से पार्षद हैं। उन्हें निगम चुनाव में 9 हजार 511 मत मिले थे। सीलमपुर में मलिक बिरादरी के मतदाताओं की संख्या काफी है। चुनाव का परिणाम जो भी हो लेकिन इस बार मुकाबला तगड़ा होने की उम्मीद है। ऐसी संभावना भी जतायी जा रही है कि इन दोनों की लड़ाई में भाजपा मैदान मार सकती है।

हालांकि चौधरी मतीन अहमद का दावा है कि उन्होंने इलाके में भरपूर विकास कार्य कराए हैं। गोकुलपुर में 13 करोड़ की लागत से ड्रेन का निर्माण कराया। मौजपुर में 2 करोड़ की लागत से चौपाल व बारात घर बनवाया। वेलकम में सरकारी स्कूल के बाद जगह की कमी थी।

वहां 2400 गज जमीन की अतिरिक्त व्यवस्था करवाई जिससे बच्चों की  जरूरत के मुताबिक कमरों का निर्माण कराया जा सके। वह अपने प्रस्तावित कार्यों का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि शास्त्री पार्क में ऑडिटोरियम का निर्माण रुक गया है, उसे जल्द शुरू करवाया जाएगा। शास्त्री पार्क में ही बारात घर का निर्माण होना है।

वहीं, बसपा के उम्मीदवार अब्दुल रहमान मलिक इलाके की दुर्गति से आहत हैं। उनका कहना है कि सीलमपुर में जगप्रवेश चंद्र के नाम से एक सरकारी अस्पताल है, वहां रोगियों को अल्ट्रासाऊंड कराने के लिए 3-3 महीने इंतजार करना
पड़ता है।

स्कूलों की हालात यह है कि एक-एक कमरे में 80-80 बच्चे बैठते हैं। बसपा नेता का कहना है कि सड़कों की हालत काफी खराब है। उस्मानपुर थाने के सामने की सड़क कब बनी थी, याद नहीं आता। शास्त्री पार्क के इलाके की हालात काफी खराब है, वहां कोई काम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि विधायक चौहान बांगर में रहते हैं और उनके यहां ही सीवर जाम रहता  है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You