चुनावी टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी

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Saturday, November 16, 2013-3:11 PM

नई दिल्ली,(धनंजय कुमार): जिस परिवारवाद के मुद्दे पर भाजपा व उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कांग्रेस पार्टी को घेरते आ रहे हैं, अब उसी परिवारवाद के फूल भाजपा में भी खिलने लगे हैं।
 
दिल्ली विधानसभा चुनाव में तो यह फूल इतना ज्यादा खिला है कि एक ही परिवार से चाचा-भतीजे को चुनावी मैदान में उतार दिया गया है। मजेदार बात यह है कि जब खुद पर आई तो पार्टी के नेताओं  न सिर्फ चाचा-भतीजे को सक्रिय कार्यकत्र्ता बता दिया, बल्कि यह भी कहने से नहीं चूके कि अब सभी राजनीतिक पाॢटयों में यह आम बात हो गई है।

गौरतलब है कि है भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री स्व. साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को महरौली, विधायक ओ.पी. बब्बर के बेटे राजीव बब्बर को तिलक नगर तथा प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा के बेटे अजय मल्होत्रा को गेटर कैलाश से चुनाव का टिकट दिया है।

इससे पार्टी के अन्य कार्यकत्र्ताओं का गुस्सा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि स्व. वर्मा के भाई व उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर मास्टर आजाद सिंह के आगे झुकते हुए उनकी मांग के मुताबिक मुंडका विधानसभा से टिकट दे दिया और वहां के पूर्व घोषित प्रत्याशी मनोज शौकीन नांगलोई जाट विधानसभा में स्थानांतरित कर दिया है। इससे नाराज प्रदेश भाजपा के एक बड़े नेता का पूरा परिवार खफा है।

उनका कहना है कि पार्टी में परिवारवाद ही नहीं, चेहरावाद भी पनपने लगा है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल का कहना है कि दोनों चाचा-भतीजे काफी सक्रिय थे इसलिए उन्हें टिकट दिया गया है और आजाद सिंह के आगे पार्टी झुकी नहीं, बल्कि समर्थन में खड़ी हुई है।


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