डीजेबी के ठेकों को अंतिम रूप देने में मेरी कोई भूमिका नहीं : दीक्षित

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Saturday, November 16, 2013-8:44 PM

नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड द्वारा निविदा देने में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच शुरू करने के बाद मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आज कोई भी गलती करने से इंकार किया और कहा कि ठेके देने में नियमों का पालन किया गया। मुख्यमंत्री दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि डीजेबी के नियम एवं शर्त ‘‘तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों’’ ने बनाए और अध्यक्ष के रूप में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

दीक्षित ने कहा, ‘‘निविदा के नियम, कायदे, ठेके के दस्तावेजों, निविदा एवं अन्य संबंधित प्रक्रिया में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ ही डीजेबी अध्यक्ष का कोई लेना-देना नहीं है। बोर्ड स्तर पर प्रशासनिक मंजूरी और खर्च को मंजूरी सहित केवल बड़े निर्णय किए जाते हैं।’’ नांगलोई, मालवीय नगर और महरौली इलाकों में निर्बाध जल आपूर्ति के लिए यूरोपीय कम्पनियों के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी के सिलसिले में सीबीआई ने तीन अलग-अलग प्रारंभिक जांच दर्ज की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जांच एजेंसी ने केवल कुछ आपत्तियां उठाई हैं और डीजेबी से इसका जवाब मांगा है। जांच का कोई मामला शुरू करने से पहले सीबीआई की यह नियमित प्रक्रिया है।’’ सीबीआई जांच के बाद भाजपा ने कल जांच एजेंसी द्वारा दीक्षित से पूछताछ की मांग की थी क्योंकि वह इसकी अध्यक्ष हैं। डीजेबी ने पहले ही किसी गलती के आरोप से इंकार किया है। सीबीआई ने आरोप लगाए हैं कि इन इलाकों में निर्बाध जल आपूर्ति के लिए निविदा की शर्तों में ‘‘हेर-फेर’’ किया गया ताकि निविदाकर्ताओं के लिए यह उपयुक्त बने।


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