महाबल को दिखाया हाथ, हर्षवर्धन को भी रोका

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Sunday, November 17, 2013-2:17 PM

नई दिल्ली ( अशोक शर्मा ): चुनाव जीतने के बाद 5 साल तक लोगों से बहुत कम मेल-मिलाप करने वाले सांसद और विधायकों  के सामने कभी-कभी ऐसी भी परिस्थितियां आती हैं। जब उन्हें तरह-तरह के उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। नामांकन के आखिरी दिन भी ऐसे ही कई  दिलचस्प नजारे देखने को मिले,  जब विरोधी भी  चुटकी लेने से नहीं चूके वहीं दूसरा पक्ष मौके की नजाकत भांप शांत बना रहा।

ऐसा ही कुछ नजारा शनिवार को रामपुरा डी.सी. कार्यालय पर देखने को मिला, जहां कई विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी अपना-अपना नामांकन दाखिल करने के लिए वहां पहुंचे थे। उसी दौरान पश्चिम दिल्ली के सांसद महाबल मिश्रा को सुरक्षाकर्मियों ने हाथ दिखाकर अंदर जाने से रोक दिया, जबकि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी डॉ. हर्षवर्धन ब्रांड एम्बेसडर की तरह दिखे।

दरअसल रामपुरा डीसी कार्यालय पर कांग्रेस, भाजपा तथा अन्य दलों के उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने के लिए वहां पहुंचे थे। निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार एक प्रत्याशी के साथ केवल चार कार्यकर्ता ही अंदर जा सकते थे। नामांकन दाखिल करने वालों में जनकपुरी से भाजपा के प्रत्याशी जगदीश मुखी और उनके खिलाफ कांग्रेस की प्रत्याशी रागिनी नायक, मंगोलपुरी से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार चौहान और भाजपा प्रत्याशी रामकिशोर नावरिया, हरि नगर से कांग्रेस प्रत्याशी हरशरण सिंह बल्ली और भाजपा के प्रत्याशी व निगम पार्षद श्याम शर्मा और शकूरबस्ती से कांग्रेस प्रत्याशी मालाराम गंगवाल सहित कई अन्य प्रत्याशी वहां सुबह से ही वहां पहुंच गये थे।

सुबह करीब ग्यारह बजे गेट खोला गया और उसके बाद अंदर जाने के लिए वहां धक्का-मुक्की मच गई। सभी जल्द से जल्द अपने साथियों के साथ अंदर जाकर नामांकन दाखिल करना चाहते थे। डीसी कार्यालय का गेट खुलने के आधा घंटे बाद भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन वहां पहुंचे, उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। उनके  साथ पहुंचे पार्टी के एक कार्यकर्ता ने सुरक्षाकर्मी से कहा कि ये भाजपा के मुख्मंत्री पद के प्रत्याशी हैं। अपने अधिकारी से जानकर पूछ लो।

सुरक्षाकर्मी ने एसएचओ को जाकर बताया। उसने पुलिस के सहायक आयुक्त के पास जाकर पूछा। वह भी कोई निर्णय नहीं ले सके। उस अधिकारी पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त के पास जाकर पूछा। उन्होंने साफ कर दिया कि सभी को चुनाव आयोग के आदेश का पालन करना है। बेशक कोई भी आ जाए, अंदर नहीं भेजना है। फिर क्या था डाक्टर हर्षवर्धन वहीं एक तरफ जाकर खड़े हो गये। तभी काफी लोगों ने जाकर उन्हें घेर लिया और फिर शुरू हो गया, उनके साथ फोटो खिंचवाने का सिलसिला। ऐसा लगा कि डाक्टर किसी कम्पनी के ब्रांड एम्बेसडर बन गये हैं।

उस दौरान ऐसे भी लोग थे, जो अपने बच्चों के साथ हर्षवर्धन का फोटो लेने के बाद काफी खुश दिखाई दे रहे थे। आधा घंटे तक लगातार फोटो सेशन का दौर चला, उसके बाद पार्टी के प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर बाहर निकल आये। तभी वे डाक्टर हर्षवर्धन तथा विजय गोयल से मिलने के बाद वहां से चले गये।

उसके कुछ देर बाद ही सांसद महाबल मिश्रा पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में वहां पहुंचे। लेकिन सुरक्षाकर्मी ने हाथ दिखाते हुए उनको भी अंदर जाने से रोक दिया। किसी ने ऊंची आवाज में कहा कि बता दो, ये सांसद महोदय हैं।  सुरक्षाकर्मी उन्हें पहचानता नहीं है। सुरक्षाकर्मी का कहना था सांसद हों या मंत्री, किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। यह सुनने के बाद महाबल मिश्रा पास में ही जाकर बैठ गये। 


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