'मजाक बन गया भारत रत्न, मुफ्त में नहीं खेले सचिन'

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Monday, November 18, 2013-12:20 PM

नई दिल्ली: सरकार ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नजरअंदाज करते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की शनिवार को घोषणा की। सचिन ने मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में अपना 200वां और आखिरी टेस्ट खेलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। सचिन का विदाई मैच पूरा होने के कुछ घंटें बाद ही सरकार ने घोषणा कि सचिन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार जनता दल पार्टी (जदयू) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने आज सवाल उठाते हुए कहा कि भारत रत्न तो मजाक बन कर रह गया है। तिवारी ने कहा कि हॉकी के जादूगर ध्यान चंद को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया। तिवारी ने कहा कि सचिन को भारत रत्न दिया जा रहा है लेकिन सचिन मुफ्त में नहीं खेले हैं। सचिन ने हजारों-करोड़ों की कमाई की है अपने खेल में।

वहीं दूसरी तरफ कल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने हॉकी के जादूगर रहे ध्यानचन्द को भारत रत्न दिए जाने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई। उन्होंने कहा कि सचिन को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने का वह स्वागत करते हैं। सरकार का यह देर से उठाया गया उचित कदम है लेकिन ध्यानचन्द का खेल जगत में किसी से कम योगदान नहीं है।

उन्होंने कहा कि ध्यानचन्द की वजह से भारत हॉकी में दुनिया का सिरमौर रहा है। सर्वविदित है कि उन्हें विदेशियों ने अपने यहां से खेलने के लालच दिए थे लेकिन उन्होंने विनम्रता से नकार दिया था। ध्यानचन्द को यह सम्मान जरुर और जल्दी मिलना चाहिए।


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