कांग्रेस-भाजपा में 8 सीटों पर कड़ा मुकाबला

  • कांग्रेस-भाजपा में 8 सीटों पर कड़ा मुकाबला
You Are HereNcr
Monday, November 18, 2013-2:17 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में 8 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां इस बार कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कांटे का मुकाबला होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में इन 8 सीटों पर चुनाव लड़ चुके कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों की जीत बेहद कम मतों से हुई थी।
 

इनमें राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र से तो कांग्रेस के दयानंद चंदीला महज 46 वोट से ही जीते थे। नामांकन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-एक विधानसभा क्षेत्र की स्कैनिंग शुरू कर दी है।

दोनों पार्टियों में एक-एक सीट को लेकर माथापच्ची जारी है। 2008 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार इन सभी 8 सीटों पर हार-जीत का अंतर 2 प्रतिशत से भी कम रहा है। 8 में से 6 सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी और 2 सीटों पर भाजपा ने विजयी प्राप्त की थी।

8 विधानसभा क्षेत्रों में से मुस्तफाबाद, शहादरा, पटपडग़ंज, महरौली, विकासपुरी और राजौरी गार्डन सीट से कांग्रेस जीती थी और घोंडा और त्रिलोकपुरी सीट पर भाजपा का कब्जा रहा था। मुस्तफाबाद सीट से कांग्रेस के हसन अहमद ने भाजपा के योगेन्द्र कुमार शर्मा को 1.01 फीसदी वोट से हराया था। हालांकि इस बार भाजपा ने शर्मा की जगह जगदीश प्रधान पर दांव लगाया है।

शहादरा सीट से कांग्रेस के नरेन्द्र नाथ विधायक है और उन्होंने भाजपा के जितेन्द्र शंटी को 1.70 प्रतिशत वोट से शिकस्त दी थी। इस बार भी दोनों उम्मीदवार एक दूसरे के आमने-सामने है।

इसी तरह से पटपडग़ंज भी ऐसी सीट है जहां दोनों पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। यहां से भाजपा के नकुल भारद्वाज महज 669 (0.76 प्रतिशत) वोट से हारे थे। उन्हें कांग्रेस के अनिल कुमार ने हराया था।  इस बार भी दोनों पार्टियों ने इन्हीं दोनों उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। महरौली से कांग्रेस के योगानंद शास्त्री ने भाजपा के शेर सिंह डागर को 1.68 प्रतिशत वोट से हराया था।

इस बार भाजपा ने डागर की जगह परवेज साहब सिंह को उम्मीदवार बनाया है। विकासपुरी सीट से कांग्रेस के नंद किशोर विधायक हैं और उन्होंने कृष्ण गहलोट को 0.69 प्रतिशत वोट से हराया था। इस बार भी दोनों उम्मीदवार चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

राजौरी गार्डन से इस बार कांग्रेस ने दयानंद चंदीला की जगह उनकी पत्नी धनवंती चंदीला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में दयानंद चंदीला ने शिरोमणि अकाली दल के अवतार सिंह हिट को सिर्फ 0.05 प्रतिशत वोट से हराया था। इस बार भाजपा ने यहां से मंजिन्दर सिंह सिरसा को चुनाव मैदान में उतारा है।

इसी तरह से घोंडा सीट से भाजपा के साहब सिंह चौहान मात्र 0.64 प्रतिशत वोट से विजयी हुए थे। उन्होंने कांग्रेस के भीष्म शर्मा को हराया था। इस बार भी वे एक दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। त्रिलोकपुरी से भाजपा के सुनील कुमार ने कांग्रेस के अंजना को  0.77 प्रतिशत वोट से हराया था। लेकिन इस बार कांग्रेस ने अंजना की जगह हरनाम सिंह को टिकट दिया है। 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You