झाबुआ और थांदला सीट पर बागी उम्मीदवार गले की फांस

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Monday, November 18, 2013-4:30 PM

झाबुआ: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीटों में से झाबुआ और थांदला पर बागी उम्मीदवार कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के गले की फांस बन गए हैं। झाबुआ सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जेवियर मेडा को सबसे बड़ी चुनौती अपनी ही पार्टी की बागी उम्मिदवार कलावती भूरिया से है। कलावती भूरिया पिछले 10 सालों से जिला पंचायत अध्यक्ष है और कांग्रेस संगठन पर उसका पूरा कब्जा रहा है, जिसके कारण झाबुआ विधानसभा सीट पर कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं का टोटा पड़ गया है।

 

मेडा अभी तक शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड नहीं बना सकें। रानापुर क्षेत्र में जेवियर मेडा की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। रानापुर शहर में नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा है लेकिन स्थिति यह है कि सारी नगर पंचायत बागी उम्मीदवार कलावती के साथ है1 इस कारण कांग्रेस के कार्यालय में बैठने तक को लोग नहीं मिल रहे है। रानापुर और बोरी क्षेत्र में कलावती भूरिया को जर्बदस्त समर्थन मिल रहा है।

 

वहीं नगरीय क्षेत्रों में जिनमें झाबुआ, रानापुर, पिटोल, कल्याणपुरा, कुंदनपुर आदि जगहों पर भाजपा के शांतिलाल बिलवाल को खासा समर्थन है। पिटोल, देवझरी, परवट, मोहनपुरा, कुंडला आदि क्षेत्रों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत दिखाई दे रही है। इस सीट पर हांलांकि 13 उम्मीदवार मैदान में है लेकिन मुख्य मुकाबला यहां त्रिकोणीय है। यहां हार जीत का दारोमदार कांग्रेस की बागी उम्मीदवार कलावती भूरिया के वोट प्रतिशत पर ज्यादा निर्भर करेगा 1 अगर यहां कांग्रेस हारती है तो उसका कारण कलावती भूरिया ही होगी। झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में कुल 235144 मतदाता है जो 283 मतदान केंद्रों पर 25 नवबंर को मतदान करेगें।

 

वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में यहां 58 प्रतिशत मतदान हुआ था और कांग्रेस के जेवियर मेडा 18 हजार से अधिक मतों से विजयी रहे थे। यहां कांग्रेस की और से अब तक सिर्फ ज्योतिरादित्यसिधिया की चुनावी सभा हुई है। क्षेत्र के सांसद कांतिलाल भूरिया प्रचार के लिए जिले में और झाबुआ में नहीं आए है।


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