आधार को वैधानिक दर्जा देने की कवायद शुरू

  • आधार को वैधानिक दर्जा देने की कवायद शुरू
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Monday, November 18, 2013-5:46 PM

नई दिल्ली: इन दिनों संसद के शीतकालीन सत्र में आधार (यूआइडीएआइ) को वैधानिक दर्जा दिए जाने की कवायद शुरू हो गई है। ज्ञात हो कि यूआइडीएआइ 2010 विधेयक को इससे पहले भी संसद में पेश किया जा चुका है।

इससे पहले इस आधार कार्ड के लिए पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति इस विधेयक को खारिज कर चुकी है। इस साल सरकार ने जब आधार संख्या के जरिये सब्सिडी के भुगतान की स्कीम शुरू की तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी वैधानिकता पर सवाल उठा दिए।

आधार से संबंधित विधेयक के संशोधित स्वरूप को तैयार कर लिया गया है। केवल इसे पारित कराने की चर्चा चल रही है। सूत्रों का कहना है कि इस सरकार के लिए संसद का आगामी सत्र लोकसभा चुनाव से पूर्व संभवत: आखिरी सत्र हो सकता है। इसके बाद केवल अंतरिम बजट या लेखानुदान के लिए ही संसद सत्र बुलाए जाने की संभावना है। इसलिए सरकार चाहती है कि बेहद जरूरी विधेयकों को आगामी सत्र में ही पारित करा लिया जाए। इन्हीं में भारतीय राष्ट्रीय विशिष्ट पहचान पत्र विधेयक भी शामिल है।

सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर पिछले दिनों यूआइडीएआइ के चेयरमैन नंदन नीलेकणि और योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ मोंटेक सिंह अहलूवालिया के बीच बैठक भी हो चुकी है।

माना जा रहा है कि जल्द ही योजना आयोग केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष इस विधेयक का मसौदा पेश करेगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही उसे संसद में पेश किया जा सकेगा।


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