पानी तय करेगा विधानसभा चुनावों का भविष्य

  • पानी तय करेगा विधानसभा चुनावों का भविष्य
You Are HereNational
Monday, November 18, 2013-9:41 PM

नई दिल्ली: आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिमी व बाहरी दिल्ली के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में पानी की किल्लत का मुद्दा नेताओं पर भारी पडऩे वाला है। ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या बेहद गंभीर है।

लोगों को टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती है। लोगों की इस बुनियादी सुविधाओं के बाबत नेताओं द्वारा बड़े-बड़े वायदे भी किये जाते रहे हैं। बावजूद इसके आजतक कई क्षेत्रों में पानी की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। यही वजह है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पानी की समस्या चुनावी मुद्दे की शक्ल अख्तियार कर चुकी है।

पानी नहीं लेकिन आ रहा बिल:
मुंडका, बवाना, किराड़ी, पालम, नरेला, औचंदी, बुराड़ी मंगोलपुरी, नजफगढ़, नांगलोई जट समेत कई ऐसी विधानसभा हैं। जहां अमूमन पानी की दिक्कत रहती है।

पानी की समस्या को दूर करने के लिये विभाग की ओर से भेजे जाने वाले टैंकर क्षेत्र की जनसंख्या की प्यास तो दूर, उनकी दैनिक जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पाते। ऐसे में लोगों को निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। लोग पानी खरीदकर पीते है। वहीं, पानी के बिल के उंचे दाम लोगों की रातों की नींद उड़ाये हुए हैं।

पाईप लाईन हैं सीवेज से जुड़ी:
कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी की पाईपलाईन तो है लेकिन वह काफी पुरानी हो गई है। जिससे पाईप लाईनों में सीवरेज का पानी मिलकर लोगों के घरों तक पानी पहुंचता है।

कई बार लोगों द्वारा इसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों से भी की जा चुकी है।लेकिन अस्थाई कार्य कर समस्या को ठीक कर दिया जाता है। कुछ दिन बाद फिर से वही समस्या खड़ी हो जाती है।

जनप्रतिनिधियों की लापरवाही व प्रशासन द्वारा इन्हें न बदला जाना भी वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि चुनाव से कुछ समय पहले कई क्षेत्रों में पानी की उचित व्यवस्था के लिये कार्य शुरू करवाये गये थे।

 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You