नाइट शैल्टर मामले में खुला हत्या का राज

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Wednesday, November 20, 2013-10:48 PM

नई दिल्ली: नई दिल्ली: नाइट शैलटर मामले में पुलिस चैकिंग के दौरान आरोपी ने घबराकर हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस उसकी निशानदेही पर उसके 2 और साथियों को पकड़े की कोशिश कर रही है। 16 नवम्बर को शाहजान पुर पुलिस विश्वजीत नामक युवक की लाश टुकड़ों में ट्रेन की पटरियों से बरामद की थी।

हत्या के खुलासे में त्रिकोणीय प्रेम संबंध की वजह माना जा रहा है।पुलिस के मुताबिक कमला मार्कीट पुलिस मंगलवार सुबह अजमेरी गेट स्थित नाइट शैलटर की चैकिंग कर रही थी। उसी वक्त उनको एक युवक पर शक हुआ। वह नशे में था। उसके पास जाकर जब पुलिस ने नाम पूछा तो नहीं बताया लेकिन घबराकर उसने कहा कि मैने हत्या नहीं की है। मैने सिर्फ हाथ पकड़े थे। उसकी इस बात के बाद पुलिस कर्मियों ने इस सूचना अपने अधिकारियों को दी।

युवक को तुरंत कमला मार्कीट पुलिस स्टेशन लाया गया। उससे पूछताछ पर उसकी पहचान दीपक शर्मा(23)के रूप में हुई। वह कांगड़ा का रहने वाला है। वह जी.बी. रोड स्थित रैड बार में वेटर की नौकरी करता है। जांच के बाद पता चला कि अजमेरी गेट स्थित नाइट शैलटर का केयर टेकर गाजीपुर यू.पी. का विश्वजीत(24)था। वह पिछले 5-6 महीने से नौकरी  कर रहा था। उसकी 2 महीने पहले हामिद और नूरी नामक युवकों से दोस्ती हुई थी। दोनों शहजाद नगर के शाहजहांपुर यू.पी. के रहने वाले है। हामिद दीपक के साथ नौकरी करता है।

2 महीने पहले तीनों की विश्वजीत से दोस्ती हो गई थी। उन्होंने बताया कि नूरी कुछ महीने पहले भजनपुरा एक शादी में आया था। वहां पर भजनपुरा की मोनी नाम की लड़की से दोस्ती हो गई थी। दोनों में जल्द प्यार हो गया था। बताया जाता है कि मोनी बाद में हामिद और फिर विश्वजीत की गर्लफ्रेंड बन गई थी। विश्वजीत से दोस्ती होने के बाद मोनी ने नूरी और हामिद से मिलना-जुलना कम कर दी थी। इस कारण दोनों ने विश्वजीत से हाथापाई भी की थी। विश्वजीत को सबक सीखाने के लिए दोनों ने दीपक को साथ लिया।

दीपक पहले से ही विश्वजीत से बदला लेना चाहता था। उन्होंने बताया कि दीपक अक्सर शैलटर में शराब पीने के बाद शोर मचाता रहता था जिसके कारण उसकी 2-3 बार विश्वजीत ने पिटाई कर दी थी। योजना के तहत तीनों 14 नवम्बर को विश्वजीत को घुमाने के बहाने शाहजानपुर ले गए।

अगले ही दिन उसे शाहजानपुर के रेलवे ट्रैक पर ले गए। जहां पर दीपक ने उसके हाथ पकड़ लिए और हामिद और नूरी ने किसी बड़े हथियार से उसकी गर्दन और धड़ अलग कर दिया। उसके शरीर के अंगों को टै्रक पर फेंककर दोनों इसे एक हादसा बनाने की कोशिश की। 16 नवम्बर को शाहजान पुर पुलिस को विश्वजीत की टुकड़ों में लाश बरामद हुई। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया।

कमला मार्कीट थानाध्यक्ष प्रमोद जोशी की देखरेख में इंस्पैक्टर विनोद, ए.एस.आई. प्रमोद और कांस्टेबल छतरपाल की एक टीम को शाहजहांपुर विश्वजीत की लाश को लेने के लिए भेजा गया है। दीपक की निशानदेही पर हामिद और नूरी का पकडऩे के लिए छापेमारी की जा रही है। 

 


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