ग्रामीण स्वरोजगार में बैंकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका: जयराम रमेश

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Thursday, November 21, 2013-12:40 PM

नई दिल्ली: बारहवीं पंचवर्षीय योजना में सात करोड़ बीपीएल परिवारों को (आजीविका) मिशन के तहत स्व रोजगार दिलाने वास्ते युवकों को प्रशिक्षित करने में उल्लेखनीय योगदान के लिए 233 संस्थानों को आज यहां सम्मानित किया गया।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आज यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में इन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण युवकों में उद्दमशीलता को बढ़ाने के लिए अब तक देश के 566 जिलों में ये संस्थान खोले गए हैं। पिछले वर्ष 117 संस्थानों को सम्मानित किया गया था। आजीविका मिशन के तहत देश के 2.50 लाख ग्राम पंचायतों के 7 करोड़ बीपीएल परिवारों को स्व रोजगार प्रदान करना है। 12वीं पंचवर्षीय योजना के इस पर कुल 29 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रमेश ने कहा कि देश के सार्वजनिक बैंकों ने सभी जिलों में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इस प्रयास से ही इन संस्थानों में ग्रामीण युवकों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे उन्हें स्वरोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी और वे अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। समारोह में केनरा बैंक के महाप्रबंधक आर के दूबे सिंडीकेट बैंक के महाप्रबंधक आर के जैन तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव एल सी गोयल आदि मौजूद थे।

इन संस्थानों को बढ़ावा देने में केनरा बैंक तथा सिंडीकेट बैंक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उसके बाद आंध्रा बैंक तथा भारतीय स्टेट बैंक ने।


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