स्कूल पर 70 लाख का जुर्माना

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Thursday, November 21, 2013-1:38 PM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी): डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पहले शिक्षा निदेशालय द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया गया और अब हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता वाली कमेटी ने स्कूल को 70 लाख रुपए छात्रों के अभिभावकों को लौटाने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट की एक कमेटी ने स्कूल द्वारा बढ़ाई गई ट्यूशन फीस  को गलत मानते हुए स्कूल को 70 लाख रुपए से अधिक फीस वापस करने का आदेश दिया है। डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए हाईकोर्ट के जज अनिल देव सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने स्कूल के अकाऊंट की जांच की तो स्कूल द्वारा बढ़ाई गई फीस को पूर्णत: गलत बताया। कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में पाया गया है कि स्कूल ने प्रति छात्र के हिसाब से 300 रुपए प्रति माह फीस बढ़ाई है।

गौरतलब है दिल्ली विकास प्राधिकरण (डी.डी.ए.) द्वारा स्कूल के अलॉटमेंट लेटर में साफ शब्दों में कहा गया है कि स्कूल फीस बढ़ाने से पहले डी.डी.ए. और शिक्षा निदेशालय से इजाजत लेगा। हाल ही में शिक्षा निदेशालय द्वारा स्कूल को भेजे गए शो कॉज नोटिस में भी सवाल उठाया गया था कि स्कूल ने बिना बताए फीस क्यों बढ़ा दी। हालांकि मामले में स्कूल की प्रधानाचार्या प्रेमलता गर्ग का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का कोई लेटर अभी नहीं मिला है, जैसे ही मिलता है उस पर कार्रवाई की जाएगी।


शिकायतकर्ता को मिल रही हैं धमकियां: स्कूल के घोटालों को उजागर करने वाले मनीष अग्रवाल का आरोप है कि स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी की ओर से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस बारे में उन्होंने पुलिस को भी नामजद शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने अनजान लोगों के नाम शिकयत दर्ज की और एन.सी.आर. काट कर मामले में रफा-दफा करने की कोशिश की। मनीष अग्रवाल का आरोप है कि स्कूल द्वारा डी.डी.ए. की लैंड पर कब्जे का घोटाला उजागर करने के बाद से उन्हें धमकियां ज्यादा मिल रही हैं।


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