विश्वनाथन आनंद के लिए सोशल मीडिया पर उठ रही भारत रत्न की मांग

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Saturday, November 23, 2013-12:31 PM

नई दिल्ली(हर्ष कुमार सिंह): विश्वनाथन आनंद ने वल्र्ड चैंपियन का खिताब नार्वे के मैग्नस कार्लसन के हाथ गंवा दिया लेकिन भारत के खेल प्रेमियों और तमाम विशेषज्ञों का मानना है कि  आनंद हार भले ही गए लेकिन उन्होंने चैम्पियन जैसा खेल दिखाया और सबका दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर उनके लिए भारत रत्न की मांग भी उठाई जा रही है।

चेन्नई में खेले जा रहे मुकाबले विश्वनाथन की पराजय तो वीरवार को ही तय हो गई थी शुक्रवार को तो केवल औपचारिकता हुई। 5 साल की आयु से शतरंज खेल रहे विश्वनाथन आनंद को भारत में शतरंज के खेल को लोकप्रिय करने का श्रेय है। इससे पहले ये खेल मुंशी प्रेमचंद की कहानी शतरंज के खिलाड़ी के पात्रों की तरह के लोगों के लिए ही माना जाता था।

कहा जाता था कि ये नवाबों का खेल और इससे कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। 1969 में तमिल परिवार में जन्मे आनंद को उनकी मां ने शतरंज खेलना सिखाया। जब आनंद बहुत छोटे थे तो उनका परिवार कुछ समय के लिए फिलीपींस शिफ्ट हो गया था जहां उनकी मां टीवी पर उन्हें शतरंज की पहेलियां हल करना सिखाया करती थीं। उन्हें भारत के चौथे सबसे बड़े सम्मान पदमश्री से भी सम्मानित किया गया।

 आनंद ने 2000, 2007, 2008, 2010 और 2012 में पांच बार वल्र्ड चैम्पियनशिप जीती। उन्हें 1991 में राजीव गांधी खेल रत्न से भी सम्मानित किया गया। अब उनके लिए भारत रत्न की मांग उठने लगी है। तेंदुलकर के अलावा यदि किसी  खिलाड़ी को देश में सर्वस्वीकार्य सम्मान मिला है तो वो आनंद ही हैं।

वे एक मात्र स्पोटर््सपर्सन हैं जिन्हें 2010 में अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा के साथ भोज होस्ट करते समय पी.एम. मनमोहन सिंह ने आमंत्रित किया था। चेन्नई में वल्र्ड चैम्पियनशिप शुरू होने से पहले फिल्म स्टार अभिषेक बच्चन ने ट्वीटर पर  समर्थन जुटाने को एक अभियान भी छेड़ा था जिसमें बॉलीवुड की कई हस्तियों ने भाग लिया था।


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