मैं मुख्यमंत्री होता तो हड़ताली राज्यकर्मियों को सबक सिखा देता: रामगोपाल

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Saturday, November 23, 2013-4:09 PM

इटावा: करीब 11 दिन तक चले गतिरोध के बाद अदालत के हस्तक्षेप पर उत्तर प्रदेश के राज्यकर्मियों की हड़ताल खत्म होने के एक दिन बाद सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि वेतन वृद्धि को लेकर हड़ताल करने वाले कर्मचारी जितनी तनख्वाह पाते हैं, उतना काम नहीं करते और अगर अखिलेश यादव की जगह वह खुद मुख्यमंत्री होते तो हड़ताली कर्मियों को सबक सिखा देते।

यादव ने सपा के जिला कार्यालय के कम्प्यूटरीकृत होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में राज्यकर्मियों द्वारा हाल में हड़ताल करके आवश्यक सेवाओं को प्रभावित किये जाने पर कड़े तेवर दिखाते हुए कहा देश और प्रदेश में जनता महंगाई की मार झेल रही है। देश की आधी जनता भुखमरी की कगार पर है। ऐसे में कर्मचारियों को वेतन वृद्धि की पड़ी है। उन्होंने कहा सरकारी कर्मचारियों को जितना वेतन मिलता है, उतना वे काम नहीं करते। अगर मैं मुख्यमंत्री होता तो हड़ताल करने वाले कर्मचारियों को बता देता।

गौरतलब है कि वेतन विसंगतियां दूर करने समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश के लाखों राज्यकर्मियों ने गत 11 नवम्बर को हड़ताल शुरु की थी जो कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ द्वारा इस सिलसिले में जारी वार्ता प्रक्रिया पर निगरानी रखने के आश्वासन के बाद स्थगित कर दी गई थी। यादव ने गन्ना समर्थन मूल्य को लेकर चीनी उद्यमियों के तल्ख रुख के बारे में कहा कि चीनी मिलें कहती हैं कि वे घाटे में हैं। अगर मिलें बंद हो गई तो किसानों का गन्ना कौन खरीदेगा। राज्य सरकार दोनों की समस्या के समाधान के लिये बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है।


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